पूर्वी दिल्ली के यमुनापार इलाके में एक बार फिर खून से सनसनी फैल गई। न्यू उस्मानपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडीए पार्क में शनिवार सुबह 20 वर्षीय युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक की पहचान तोहीद के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, बल्कि इसी पार्क में पहले भी कई हत्याएं हो चुकी हैं। लगातार हो रही वारदातों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह पार्क में मिला युवक जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह कुछ लोग रोज की तरह टहलने के लिए डीडीए पार्क पहुंचे थे। इसी दौरान पार्क के एक कोने में एक युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा दिखाई दिया। उसके शरीर पर चोट के निशान थे और वह खून से लथपथ था। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और युवक को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में मृतक की पहचान 20 वर्षीय तोहीद के रूप में हुई, जो इलाके का ही रहने वाला बताया जा रहा है। हत्या या पुरानी रंजिश? प्रारंभिक जांच में पुलिस हत्या के कई पहलुओं पर जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला आपसी रंजिश, दोस्ती में विवाद या किसी पुरानी दुश्मनी से जुड़ा हो सकता है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और मृतक के दोस्तों व परिचितों से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले तोहीद किसके साथ था और देर रात वह पार्क तक कैसे पहुंचा। डीडीए पार्क बन चुका है ‘क्राइम स्पॉट’ स्थानीय लोगों का आरोप है कि न्यू उस्मानपुर का यह डीडीए पार्क लंबे समय से अपराधियों का अड्डा बना हुआ है। लोगों के अनुसार, यहां शाम होते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। पार्क में नशाखोरी, जुआ और संदिग्ध गतिविधियां आम बात हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि स्थानीय निवासियों के मुताबिक, इसी पार्क में पिछले कुछ वर्षों में आधा दर्जन से ज्यादा हत्याएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद न तो यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और न ही पुलिस की गश्त बढ़ाई गई। लोगों में डर और गुस्सा लगातार हो रही घटनाओं के कारण आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे अपने बच्चों को पार्क में खेलने के लिए भेजने से डरते हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह पार्क अब पार्क नहीं, बल्कि अपराधियों का अड्डा बन चुका है। यहां आए दिन झगड़े होते रहते हैं। कई बार पुलिस को शिकायत भी दी गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।” एक अन्य निवासी ने बताया कि रात के समय पार्क में पर्याप्त रोशनी नहीं रहती और सुरक्षा गार्ड भी मौजूद नहीं होते, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ जाते हैं। पुलिस पर उठ रहे सवाल इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब एक ही जगह पर बार-बार हत्याएं हो रही हैं तो वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई? स्थानीय लोगों ने पार्क में स्थायी पुलिस चौकी, सीसीटीवी कैमरे और नियमित गश्त की मांग की है। जांच में जुटी पुलिस न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और मृतक के संपर्कों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्या अब जागेगा प्रशासन? डीडीए पार्क में एक के बाद एक हो रही हत्याओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक लोग इस तरह भय के साए में जीते रहेंगे। यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में ऐसी घटनाएं फिर सामने आ सकती हैं। तोहीद की मौत ने एक बार फिर इलाके की कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना के बाद कोई ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में सिमटकर रह जाएगा। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation हल्द्वानी से 15 वर्षीय छात्रा रहस्यमय तरीके से लापता, CCTV में युवक के साथ जाती दिखी; पुलिस जांच में जुटी तिस हजारी में दिल्ली पुलिस का बाल सुरक्षा अभियान, 110 बच्चों को किया जागरूक।