मुंबई में भारी बारिश का कहर: बहुमंजिला चॉल गिरने से 6 लोगों की मौत, एक घायल, राहत-बचाव अभियान जारी

मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर शहर की कमजोर इमारतों की पोल खोल दी है। शहर में हुई एक दर्दनाक घटना में भारी बारिश के बीच एक बहुमंजिला चॉल अचानक भरभराकर गिर गई, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

देर रात हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा देर रात उस समय हुआ जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण चॉल की दीवारें और नींव कमजोर हो चुकी थीं। अचानक तेज आवाज के साथ पूरी इमारत धराशायी हो गई और उसमें रहने वाले लोग मलबे में दब गए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। कुछ ही देर में पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं।

छह लोगों की मौत की पुष्टि

राहत और बचाव दल ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला, लेकिन छह लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। वहीं, एक घायल व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

अधिकारियों का कहना है कि मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन देर रात तक जारी रखा गया।

भारी बारिश बनी हादसे की वजह

मुंबई में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पहले ही कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था। लगातार बारिश के कारण कई पुराने भवनों और चॉलों की हालत खराब हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश का पानी इमारत की नींव में लगातार रिसने से उसकी मजबूती कमजोर हो जाती है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं की जाए तो ऐसे हादसे होने की आशंका बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि चॉल की स्थिति काफी समय से खराब थी और इसके बारे में कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी की गई थी। इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता और इमारत को खाली करा लिया जाता, तो कई लोगों की जान बच सकती थी।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

महाराष्ट्र सरकार ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है। साथ ही घायल व्यक्ति के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने की बात कही गई है।

मुंबई में बढ़ रहा जर्जर इमारतों का खतरा

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है, लेकिन यहां हजारों लोग अब भी पुरानी और जर्जर इमारतों में रहने को मजबूर हैं। हर मानसून में ऐसी इमारतों के गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में सैकड़ों इमारतें बेहद खतरनाक स्थिति में हैं और उन्हें कभी भी खाली कराने की जरूरत पड़ सकती है। इसके बावजूद कई लोग आर्थिक मजबूरी या वैकल्पिक आवास न मिलने के कारण इन इमारतों में रह रहे हैं।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि मुंबई में जर्जर इमारतों की समस्या बेहद गंभीर है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऐसे भवनों की पहचान कर उन्हें समय रहते खाली कराना और लोगों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पुराने भवनों का नियमित निरीक्षण और मरम्मत की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में भी ऐसे हादसे होते रहेंगे।

राहत-बचाव अभियान जारी

दमकल विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार मलबे को हटाने में जुटी हुई हैं। भारी बारिश के कारण बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन अधिकारी हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि यदि कोई व्यक्ति मलबे में फंसा हो तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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