लखनऊ/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता और सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने की दिशा में एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। एक ही मंडप में 40 मुस्लिम जोड़ों का निकाह और 100 हिंदू जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इस भव्य आयोजन ने न केवल सामाजिक एकता का संदेश दिया, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत भी साबित हुआ। कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से विशेष उपहार और आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। यह सामूहिक विवाह समारोह प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के विवाह अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुए। हिंदू जोड़ों के लिए वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच विवाह संपन्न कराया गया, जबकि मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलानाओं की मौजूदगी में कराया गया। एक ही परिसर में दोनों समुदायों के विवाह कार्यक्रम होने से सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से शुभकामनाएं भेजी गईं। साथ ही सरकार द्वारा निर्धारित आर्थिक सहायता और घरेलू उपयोग के कई उपहार भी दिए गए। इन उपहारों में गृहस्थी शुरू करने के लिए आवश्यक सामान शामिल था। सरकार का उद्देश्य नवविवाहित दंपतियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और गरीब परिवारों पर विवाह का बोझ कम करना है। अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत पात्र जोड़ों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना का लाभ विशेष रूप से उन परिवारों को मिलता है जो आर्थिक तंगी के कारण विवाह संबंधी खर्च उठाने में कठिनाई महसूस करते हैं। सरकार का मानना है कि इस तरह के आयोजन सामाजिक कुरीतियों को कम करने और सादगीपूर्ण विवाह को प्रोत्साहित करने में मददगार साबित होते हैं। समारोह में मौजूद परिवारों ने सरकार की इस पहल की सराहना की। कई अभिभावकों ने कहा कि सामूहिक विवाह योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विवाह पर होने वाले भारी खर्च से राहत मिलने के साथ-साथ सम्मानजनक माहौल में बच्चों का विवाह संपन्न होना उनके लिए खुशी की बात है। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे आयोजन की निगरानी की ताकि सभी धार्मिक परंपराएं और व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। यह आयोजन केवल विवाह का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और सहयोग का भी प्रतीक बना। एक ही मंडप में 40 निकाह और 100 विवाह का आयोजन प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द और विकास की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है। सरकार की यह पहल आने वाले समय में और अधिक जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बनने की उम्मीद जगाती है। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation यूपी में बनेगा नया हाईस्पीड कॉरिडोर, गंगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से होगा लिंक, MP-बिहार से दिल्ली तक जुड़ेगा बेटी पर अभद्र टिप्पणी से गरमाई राजनीति: सीएम योगी बोले- “बेटी तो बेटी होती है, तुरंत FIR दर्ज कराओ”