देशभर में एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के बड़े हिस्से में बादलों का डेरा बना हुआ है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में देश का लगभग दो-तिहाई हिस्सा बारिश और घने बादलों के प्रभाव में रहेगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने, कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के सक्रिय होने और मानसूनी ट्रफ के सामान्य स्थिति में आने से बारिश की गतिविधियों में तेज़ी आई है। इससे कई राज्यों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कुछ क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों का भी खतरा बढ़ सकता है। कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जिन राज्यों में इस सप्ताह अधिक वर्षा होने की संभावना है, उनमें शामिल हैं— उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल ओडिशा मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान के कुछ हिस्से दिल्ली-एनसीआर हरियाणा पंजाब हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड महाराष्ट्र गुजरात असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्य इन राज्यों में कई स्थानों पर तेज़ बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। दिल्ली-एनसीआर में भी बदलेगा मौसम दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि इस सप्ताह राजधानी में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आने की संभावना है। उत्तर भारत को मिलेगी राहत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पूर्वी भारत में भारी बारिश की संभावना बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने का अनुमान है। कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी व्यक्त की गई है। मध्य और पश्चिम भारत में भी बरसेंगे बादल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुआई और विकास के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान का भी खतरा बना रह सकता है। पूर्वोत्तर भारत में जारी रहेगा बारिश का दौर असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदियों के उफान पर रहने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन सतर्क है। किसानों के लिए राहत विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर और संतुलित बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभकारी होती है। धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को इससे फायदा मिल सकता है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी, वहां जल निकासी की उचित व्यवस्था आवश्यक होगी। इन राज्यों में रहें सतर्क भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है— जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें। नदी-नालों के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। यातायात पर पड़ सकता है असर भारी बारिश के कारण कई शहरों में सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और कुछ स्थानों पर रेल व हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है। यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित विभागों से ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। तापमान में आएगी गिरावट बारिश और बादलों के कारण अधिकांश राज्यों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation रांची अवैध शराब मामला: बिहार के पूर्व राजद एमएलसी और रेडिको खेतान ने दिया जवाब, डीसी करेंगे समीक्षा ग्रेटर नोएडा: 6 महीने से बेटी से दूर मां ने ससुराल के बाहर शुरू किया धरना, दनकौर में रिश्तों की जंग