उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई एक बड़ी मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी डकैत मारा गया। इस दौरान एक दरोगा और एक सिपाही भी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि मारा गया अपराधी लंबे समय से कई गंभीर मामलों में वांछित था और उसकी तलाश की जा रही थी।

घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल भी जाना।

गुप्त सूचना पर चली कार्रवाई

पुलिस को सूचना मिली थी कि 50 हजार रुपये का इनामी डकैत अपने कुछ साथियों के साथ इलाके में मौजूद है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी।

जैसे ही पुलिस टीम संदिग्ध स्थान पर पहुंची, बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं।

मुठभेड़ में ढेर हुआ इनामी डकैत

मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 50 हजार रुपये का इनामी डकैत गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार, मारा गया बदमाश कई संगीन मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ लूट, डकैती, हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।

दरोगा और सिपाही घायल

मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में एक दरोगा और एक सिपाही घायल हो गए। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों की हालत स्थिर है और उन्हें खतरे से बाहर बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने घायल जवानों की बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

मौके से हथियार और कारतूस बरामद

पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से कई अहम सबूत बरामद किए हैं। इनमें अवैध हथियार, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामान शामिल हैं।

अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बदमाश किसी नई वारदात की तैयारी में थे या नहीं।

लंबे समय से थी तलाश

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मारा गया डकैत लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह कई जिलों में सक्रिय था और पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।

कई बार पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह हर बार फरार होने में सफल रहा। आखिरकार बदायूं पुलिस की कार्रवाई में उसका अंत हो गया।

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि डकैत के अन्य साथी कहीं आसपास तो नहीं छिपे हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई थी। बदमाशों ने पहले पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस

इनामी डकैत के मारे जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस बदमाश के कारण इलाके में डर का माहौल था।

लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा और अपराधियों के मन में कानून का भय बढ़ेगा।

 

 

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *