दिल्ली के हौजरानी इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए शेफ से पूछताछ की है। जांच के दौरान शेफ ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिन्होंने हादसे को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी शेफ ने स्वीकार किया कि आग लगने के बाद उसने लोगों को सतर्क करने या उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश नहीं की, बल्कि बेसमेंट का शटर बंद कर वहां से भाग गया था।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग बेसमेंट क्षेत्र में लगी थी, जहां ज्वलनशील सामग्री और रसोई से जुड़ा सामान रखा हुआ था। जैसे ही आग ने विकराल रूप लेना शुरू किया, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि शेफ ने स्थिति की गंभीरता को  देखते हुए भी कर्मचारियों और ग्राहकों को कोई चेतावनी नहीं दी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते लोगों को आग की सूचना दे दी जाती और निकासी की व्यवस्था की जाती, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह घबरा गया था और अपनी जान बचाने के लिए बेसमेंट का शटर गिराकर मौके से निकल गया।

घटना के बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस हादसे में कई लोग घायल हुए, जबकि संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

मामले में संबंधित रेस्टोरेंट प्रबंधन, कर्मचारियों और भवन मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि लापरवाही और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह हादसा एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करता है और सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर जोर देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *