डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दौर में दुनिया भर में कई नए तरह के रोजगार सामने आ रहे हैं। इन्हीं में से एक अनोखा काम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें महिलाएं अपने माथे पर स्मार्टफोन या कैमरा लगाकर घर के रोजमर्रा के काम रिकॉर्ड कर रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इस काम के बदले उन्हें डॉलर में भुगतान किया जा रहा है। पहली नजर में यह काम सामान्य लग सकता है, लेकिन इसके पीछे की वजह बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली है। दरअसल, कई टेक कंपनियां और AI रिसर्च संस्थान ऐसे वीडियो इकट्ठा कर रहे हैं जिनमें लोग अपने दैनिक कार्यों को वास्तविक परिस्थितियों में करते हुए दिखाई देते हैं। इनमें खाना बनाना, कपड़े धोना, बच्चों की देखभाल करना, सफाई करना, सामान व्यवस्थित करना और अन्य घरेलू गतिविधियां शामिल हैं। इन वीडियो की मदद से AI मॉडल और रोबोट्स को इंसानों की गतिविधियों को समझने और सीखने की ट्रेनिंग दी जाती है। महिलाओं को माथे पर फोन या कैमरा लगाने के लिए इसलिए कहा जाता है ताकि वीडियो ठीक उसी नजरिए से रिकॉर्ड हो, जैसा इंसान अपनी आंखों से देखता है। इस तरह AI सिस्टम को यह समझने में मदद मिलती है कि कोई व्यक्ति किसी काम को करते समय क्या देखता है, किस वस्तु को उठाता है और किस क्रम में काम पूरा करता है। इसे “फर्स्ट-पर्सन डेटा” कहा जाता है, जो AI प्रशिक्षण के लिए बेहद मूल्यवान माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में घरेलू रोबोट्स, स्मार्ट असिस्टेंट और ऑटोमेशन सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए ऐसे डेटा की मांग और बढ़ सकती है। कंपनियां चाहती हैं कि मशीनें केवल निर्देशों को समझें ही नहीं, बल्कि इंसानों की तरह कार्य करने का तरीका भी सीखें। यही कारण है कि वास्तविक जीवन के वीडियो डेटा के लिए लोगों को अच्छी रकम दी जा रही है। इस काम की एक और खास बात यह है कि इसे घर बैठे किया जा सकता है। कई महिलाओं के लिए यह अतिरिक्त आय का स्रोत बन रहा है। उन्हें किसी ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि वे अपने सामान्य घरेलू काम करते हुए ही वीडियो रिकॉर्ड करती हैं। बाद में ये वीडियो संबंधित प्लेटफॉर्म या कंपनी को भेज दिए जाते हैं। हालांकि, इस तरह के काम में गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी कंपनी के साथ काम करने से पहले उसकी नीतियों और शर्तों को अच्छी तरह पढ़ना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि रिकॉर्ड किए गए वीडियो का इस्तेमाल केवल वैध और घोषित उद्देश्यों के लिए ही किया जाए। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation आपके बच्चे ज़िद्दी हैं? बात नहीं मानते? तो अब मानेंगे! ✨