महाराष्ट्र के पुणे में हुई करीब तीन करोड़ रुपये की बड़ी चोरी के बाद उत्तर प्रदेश की गोरखपुर पुलिस भी हाई अलर्ट पर आ गई है। आशंका जताई जा रही है कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी नेपाल भागने की कोशिश कर सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए गोरखपुर पुलिस ने नेपाल सीमा की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस की विशेष टीमें लगातार वाहनों की जांच कर रही हैं और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नेपाल सीमा से सटे इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सीमा चौकियों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और प्रमुख हाईवे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार पुणे में हाल ही में एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई, जिसमें करीब ₹3 करोड़ की नकदी और कीमती सामान चोरी होने की बात सामने आई है। घटना के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने जांच शुरू की और कई राज्यों की पुलिस को भी अलर्ट जारी किया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी राज्य की सीमा पार कर उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश कर सकते हैं। इसी इनपुट के आधार पर गोरखपुर पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी गोरखपुर और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। नेपाल जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस विशेष रूप से— लग्जरी कारों और संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही है। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर निगरानी बढ़ाई गई है। होटल, लॉज और गेस्ट हाउस में ठहरे संदिग्ध लोगों का सत्यापन किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। स्थानीय पुलिस और सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाया गया है। गोरखपुर पुलिस हाई अलर्ट पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सभी थाना क्षेत्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सीमा से जुड़े इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है और खुफिया एजेंसियों से प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को भी संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी साझा की गई है। तकनीकी जांच भी जारी पुणे पुलिस चोरी के मामले की तकनीकी जांच भी कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है। यदि आरोपियों की लोकेशन उत्तर प्रदेश या नेपाल सीमा के आसपास मिलती है तो संयुक्त अभियान चलाया जा सकता है। अंतरराज्यीय समन्वय पर जोर इस मामले में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और अन्य संबंधित राज्यों की पुलिस के बीच लगातार सूचना साझा की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बड़े अपराधों की जांच में अंतरराज्यीय समन्वय बेहद महत्वपूर्ण होता है। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की भी सहायता ली जा सकती है। सीमा पार भागने की आशंका नेपाल की खुली सीमा के कारण कई बार अपराधी गिरफ्तारी से बचने के लिए वहां भागने का प्रयास करते हैं। इसी वजह से पुलिस सीमा क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरत रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी आरोपी के नेपाल पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच विभिन्न संभावनाओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील गोरखपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने होटल संचालकों, वाहन मालिकों और व्यापारियों से भी सतर्क रहने की अपील की है। विशेष अभियान जारी आगामी दिनों में भी सीमा क्षेत्रों में जांच अभियान जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती और आरोपियों का पता नहीं चल जाता, तब तक निगरानी में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विशेषज्ञों की राय सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े आर्थिक अपराधों के बाद सीमा क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे आरोपियों की संभावित आवाजाही पर नजर रखने में मदद मिलती है और जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation Dehradun में नशे की बड़ी सप्लाई चेन टूटी, पांच किलो चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ जंतर-मंतर पर 18वें दिन भी अनशन जारी, सोनम वांगचुक की सेहत पर बढ़ी चिंता