नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोनों दलों के बीच किसी भी प्रकार के विलय की न तो कोई चर्चा हुई है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। हाल के दिनों में विपक्षी दलों के नेताओं की बैठकों के बाद राजनीतिक गलियारों में इस तरह की चर्चाएं तेज हो गई थीं, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है।

वेणुगोपाल ने कहा कि टीएमसी प्रमुख Mamata Banerjee और पार्टी के वरिष्ठ नेता Abhishek Banerjee की कांग्रेस नेतृत्व के साथ हुई हालिया मुलाकातें केवल विपक्षी एकता और राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए थीं। इन बैठकों का उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, न कि किसी संगठनात्मक विलय की दिशा में कदम बढ़ाना।

उन्होंने कहा कि “ये पूरी तरह से बेबुनियाद अफवाहें हैं। विपक्षी दलों के बीच संवाद लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है और इसे विलय की अटकलों से जोड़ना गलत है।” कांग्रेस नेता ने यह भी दोहराया कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करना है।

दूसरी ओर, टीएमसी ने भी इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस के साथ किसी प्रकार के विलय पर कोई चर्चा नहीं हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हालिया बैठकों में केवल राजनीतिक परिस्थितियों और विपक्षी रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ था। टीएमसी नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी दलों के बीच बढ़ती बातचीत और सहयोग की कोशिशों के कारण इस तरह की अटकलें सामने आती रहती हैं। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों में कांग्रेस और टीएमसी दोनों ने साफ कर दिया है कि उनका ध्यान विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने पर है, न कि किसी औपचारिक विलय पर।

गौरतलब है कि टीएमसी और कांग्रेस का राजनीतिक इतिहास लंबे समय से जुड़ा रहा है। ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस से अलग होकर टीएमसी की स्थापना की थी। इसके बावजूद दोनों दल समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं। वर्तमान में भी दोनों दल व्यापक विपक्षी मंच के तहत भाजपा के खिलाफ रणनीतिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।

फिलहाल, के.सी. वेणुगोपाल के स्पष्ट बयान के बाद यह तय माना जा रहा है कि टीएमसी और कांग्रेस के विलय की संभावना नहीं है। दोनों दल विपक्षी राजनीति में सहयोग जारी रख सकते हैं, लेकिन संगठनात्मक रूप से एक होने की चर्चा केवल अटकलों तक ही सीमित है।

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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