रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) के मंच से पश्चिमी देशों पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में पुतिन ने दावा किया कि ब्रिक्स (BRICS) देशों का आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और अब यह समूह कई मामलों में G7 देशों से आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है और उभरती अर्थव्यवस्थाएं दुनिया की नई दिशा तय कर रही हैं।

पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और दबावों के बावजूद रूस अपनी आर्थिक मजबूती बनाए हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पश्चिमी शक्तियां अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए वैश्विक संस्थाओं का उपयोग कर रही हैं, लेकिन अब दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां सभी देशों की आवाज को महत्व मिलेगा।

अपने भाषण के दौरान पुतिन ने भारत की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत ने संतुलित, स्वतंत्र और व्यावहारिक नीति अपनाई है। पुतिन के अनुसार भारत अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से अपनी बात रख रहा है। उन्होंने भारत और रूस के बीच मजबूत संबंधों को दोनों देशों के लिए लाभकारी बताया।

रूसी राष्ट्रपति ने BRICS के विस्तार को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस समूह में शामिल देशों की जनसंख्या, आर्थिक क्षमता और वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में BRICS विश्व अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में और बड़ी भूमिका निभाएगा।

पुतिन के इस बयान को वैश्विक राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि BRICS और G7 के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन को नया स्वरूप दे सकती है।

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