भारतीय किसान यूनियन (भानु) के उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं गाजियाबाद जिला अध्यक्ष विवेक यादव ने कहा कि हाल ही में नए संसदीय सत्र के दौरान किसानों के मुद्दों पर चर्चा होना एक सकारात्मक पहल है। किसानों से जुड़े विषयों पर संसद में बहस होना इस बात का संकेत है कि देश के अन्नदाताओं की समस्याएँ राष्ट्रीय स्तर पर महत्व रखती हैं।

उन्होंने कहा कि केवल संसद में चर्चा कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। वास्तविक स्थिति को समझने के लिए सभी सांसदों और जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जाकर किसानों के बीच बैठना चाहिए। किसानों की समस्याओं को नजदीक से सुनना और उनके समाधान के लिए ठोस प्रयास करना बेहद जरूरी है।
संसद में किसानों की चर्चा पर्याप्त नहीं, जनप्रतिनिधि गांवों में जाकर किसानों की समस्याएँ समझें – विवेक यादव

भारतीय किसान यूनियन (भानु) के उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं गाजियाबाद जिला अध्यक्ष विवेक यादव ने कहा कि हाल ही में नए संसदीय सत्र के दौरान किसानों के मुद्दों पर चर्चा होना एक सकारात्मक पहल है। किसानों से जुड़े विषयों पर संसद में बहस होना इस बात का संकेत है कि देश के अन्नदाताओं की समस्याएँ राष्ट्रीय स्तर पर महत्व रखती हैं।

उन्होंने कहा कि केवल संसद में चर्चा कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। वास्तविक स्थिति को समझने के लिए सभी सांसदों और जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जाकर किसानों के बीच बैठना चाहिए। किसानों की समस्याओं को नजदीक से सुनना और उनके समाधान के लिए ठोस प्रयास करना बेहद जरूरी है।

विवेक यादव ने कहा कि आज भी किसान कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें फसल का उचित मूल्य, सिंचाई की व्यवस्था, बढ़ती लागत और कृषि से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं। इन समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है जब जनप्रतिनिधि जमीनी स्तर पर किसानों के साथ संवाद स्थापित करें।

उन्होंने भारतीय किसान यूनियन (भानु) की ओर से सभी सांसदों और जनप्रतिनिधियों से विनम्र अपील करते हुए कहा कि वे किसानों के बीच जाकर उनकी वास्तविक परिस्थितियों को समझें और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाएँ।

विवेक यादव ने कहा कि जब तक किसानों की आवाज़ को जमीन पर जाकर नहीं सुना जाएगा, तब तक सही मायनों में विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। किसानों की मजबूती ही देश की अर्थव्यवस्था और विकास की असली नींव है।
विवेक यादव ने कहा कि आज भी किसान कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें फसल का उचित मूल्य, सिंचाई की व्यवस्था, बढ़ती लागत और कृषि से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं। इन समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है जब जनप्रतिनिधि जमीनी स्तर पर किसानों के साथ संवाद स्थापित करें।

उन्होंने भारतीय किसान यूनियन (भानु) की ओर से सभी सांसदों और जनप्रतिनिधियों से विनम्र अपील करते हुए कहा कि वे किसानों के बीच जाकर उनकी वास्तविक परिस्थितियों को समझें और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाएँ।

विवेक यादव ने कहा कि जब तक किसानों की आवाज़ को जमीन पर जाकर नहीं सुना जाएगा, तब तक सही मायनों में विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। किसानों की मजबूती ही देश की अर्थव्यवस्था और विकास की असली नींव है।

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