दिल्ली में गर्मी का नया खतरा: ‘फील्स लाइक’ तापमान 50°C के पार, IMD ने बताया क्यों बढ़ रही है जानलेवा गर्मी? राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर भीषण गर्मी की चपेट में है। हालांकि थर्मामीटर पर दर्ज तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच है, लेकिन लोगों को महसूस होने वाला तापमान यानी ‘फील्स लाइक’ तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। इस स्थिति ने राजधानी में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी चेतावनी दी है कि बढ़ती नमी, कमजोर हवाएं और बदलते मौसम के पैटर्न के कारण गर्मी पहले से अधिक खतरनाक महसूस हो रही है। क्या होता है ‘फील्स लाइक’ तापमान? ‘फील्स लाइक’ तापमान वह तापमान होता है जो व्यक्ति अपने शरीर पर वास्तव में महसूस करता है। इसमें केवल वास्तविक तापमान ही नहीं, बल्कि हवा में मौजूद नमी, हवा की गति और सूर्य की तीव्रता जैसे कारक भी शामिल होते हैं। उदाहरण के लिए, यदि तापमान 43 डिग्री है और हवा में नमी अधिक है, तो शरीर को यह 50 डिग्री या उससे अधिक महसूस हो सकता है। यही कारण है कि हाल के दिनों में दिल्ली में लोगों को असहनीय गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। क्यों बढ़ रही है जानलेवा गर्मी? आईएमडी के अनुसार, इस बार गर्मी के खतरनाक स्तर तक पहुंचने के पीछे कई कारण हैं। 1. बढ़ी हुई नमी दिल्ली और आसपास के इलाकों में नमी का स्तर काफी बढ़ गया है। अधिक नमी होने पर शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे शरीर को ठंडक नहीं मिल पाती और गर्मी ज्यादा महसूस होती है। 2. कमजोर हवाएं सामान्य तौर पर तेज हवाएं गर्मी से कुछ राहत देती हैं, लेकिन इन दिनों दिल्ली में हवाओं की गति काफी कम है। इसके कारण गर्म हवा और उमस लंबे समय तक बनी रहती है। 3. शहरी हीट आइलैंड प्रभाव दिल्ली जैसे बड़े शहरों में कंक्रीट की इमारतें, सड़कें और वाहन दिनभर गर्मी को अवशोषित करते हैं और रात में धीरे-धीरे छोड़ते हैं। इससे शहर का तापमान आसपास के क्षेत्रों की तुलना में अधिक बना रहता है। 4. जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक गर्मी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर 50 डिग्री से अधिक महसूस होने वाला तापमान लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह की गर्मी में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और बेहोशी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ सकता है, जो कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है। आईएमडी की चेतावनी मौसम विभाग ने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और सीधी धूप से बचने की भी सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक पसीना, तेज सिरदर्द, उल्टी या चक्कर आने जैसी समस्या महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा? बाहर काम करने वाले मजदूर और निर्माण कर्मी बुजुर्ग और छोटे बच्चे हृदय और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोग डिहाइड्रेशन की समस्या वाले व्यक्ति लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोग कैसे करें बचाव? दिनभर पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेते रहें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में जाने से बचें। हल्के और सूती कपड़े पहनें। घर से बाहर निकलते समय छाता या टोपी का इस्तेमाल करें। कैफीन और अत्यधिक मसालेदार भोजन से बचें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। आगे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यदि मानसूनी गतिविधियां बढ़ती हैं और बारिश होती है, तो लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, तब तक राजधानी में गर्मी और उमस का असर बना रहने की संभावना है। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation **दिल्ली में मानसून की एंट्री की तारीख तय! 24 घंटे में 5.7 डिग्री गिरा तापमान, कल बारिश का यलो अलर्ट जारी**