एक हृदय विदारक घटना में तीन मासूम बच्चों की जिंदगी उस समय खत्म हो गई, जब उनकी मां ने कथित तौर पर उन्हें नहर में फेंक दिया और बाद में खुद भी नहर में कूद गई। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ समय पहले तक तीनों बच्चे अपनी मां की अंगुली थामकर मेला देखने जाने की खुशी में मुस्कुरा रहे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में यह मुस्कान हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चे बेहद खुश थे और मेले में जाने की जिद कर रहे थे। मां भी उन्हें लेकर घर से निकली थी, लेकिन रास्ते में ऐसा क्या हुआ कि उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया, यह अब जांच का विषय बन गया है।

मेला देखने की खुशी बनी मौत का सफर

परिजनों के अनुसार, तीनों बच्चे सुबह से ही मेले में जाने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने नए कपड़े पहने थे और अपनी मां के साथ घर से निकले थे। रास्ते में लोगों ने भी उन्हें हंसते-मुस्कुराते देखा था।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि महिला बच्चों को लेकर नहर के पास पहुंची और अचानक एक-एक कर तीनों बच्चों को पानी में फेंक दिया। इसके बाद वह खुद भी नहर में कूद गई।

घटना को देख आसपास मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। लोगों ने तुरंत शोर मचाया और बच्चों को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

बचाव अभियान में जुटे ग्रामीण

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से नहर में तलाश अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद बच्चों और महिला को बाहर निकाला गया।

तीनों बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है।

इस घटना के बाद अस्पताल में भी लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

आखिर क्यों उठाया इतना बड़ा कदम?

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि महिला ने इतना भयावह कदम क्यों उठाया। शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव और घरेलू परिस्थितियों को कारण माना जा रहा है।

पड़ोसियों का कहना है कि महिला पिछले कुछ समय से काफी परेशान दिखाई दे रही थी। हालांकि, परिवार के लोगों ने किसी गंभीर विवाद की जानकारी होने से इनकार किया है।

जांच अधिकारी महिला के होश में आने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।

पूरे गांव में पसरा मातम

घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। जिन बच्चों की किलकारियां पूरे मोहल्ले में गूंजती थीं, उनकी मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे बेहद मासूम और चंचल स्वभाव के थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके साथ इतना दर्दनाक हादसा हो जाएगा।

बच्चों के घर के बाहर लोगों की भीड़ लगी हुई है और हर किसी की आंखें नम हैं। परिवार के सदस्य गहरे सदमे में हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अचानक सब कुछ कैसे खत्म हो गया।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।

पुलिस परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही महिला की मानसिक स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।

समाज के लिए बड़ा सवाल

यह घटना एक बार फिर समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है। यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या पारिवारिक परेशानियों से गुजर रहा है, तो समय रहते उसकी मदद और परामर्श बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक तनाव और अवसाद को नजरअंदाज करना कई बार गंभीर परिणामों का कारण बन सकता है। ऐसे मामलों में परिवार और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

 

 

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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