PoK Protests: पाकिस्तानी सेना के खिलाफ क्यों लोगों में उबाल? जेकेजेएएसी का दावा- नेता शौकत नवाज मीर गिरफ्तार

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) एक बार फिर बड़े राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल का केंद्र बन गया है। यहां पाकिस्तानी सेना और प्रशासन के खिलाफ लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) ने दावा किया है कि उसके प्रमुख नेताओं में से एक शौकत नवाज मीर को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद पूरे क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए हैं और लोग सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

क्यों भड़के हैं PoK के लोग?

पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में महंगाई, बिजली संकट, बेरोजगारी और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग तो करती है, लेकिन यहां के लोगों को उसका कोई लाभ नहीं मिलता।

इसके अलावा, बिजली के भारी बिल, गेहूं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। लोगों का कहना है कि उनके क्षेत्र में बिजली उत्पादन होने के बावजूद उन्हें महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।

जेकेजेएएसी की भूमिका

जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) लंबे समय से लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठा रही है। संगठन लगातार पाकिस्तान सरकार से सस्ती बिजली, रोजगार के अवसर और बेहतर प्रशासन की मांग कर रहा है।

जेकेजेएएसी ने आरोप लगाया है कि सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। संगठन का दावा है कि शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी भी इसी रणनीति का हिस्सा है।

शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी पर बवाल

जेकेजेएएसी के अनुसार, शौकत नवाज मीर को देर रात सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया। हालांकि पाकिस्तान प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

मीर की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही मुजफ्फराबाद, कोटली, मीरपुर और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कई जगहों पर दुकानों को बंद रखा गया और आम हड़ताल का भी आह्वान किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि मीर को जल्द रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है। लोगों का कहना है कि सेना और प्रशासन विरोध की हर आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

स्थानीय संगठनों का आरोप है कि कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसी कारण लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।

आर्थिक संकट ने बढ़ाई मुश्किलें

पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इसका असर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है और लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता के कारण लोगों में असंतोष बढ़ा है, जो अब बड़े जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठ रहे सवाल

मानवाधिकार संगठनों ने भी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की स्थिति पर चिंता जताई है। कई संगठनों ने कहा है कि लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और अपनी मांग रखने का लोकतांत्रिक अधिकार मिलना चाहिए।

हालांकि पाकिस्तान सरकार का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

आगे क्या?

शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के बाद PoK की स्थिति और संवेदनशील हो गई है। यदि विरोध प्रदर्शन जारी रहे तो आने वाले दिनों में पाकिस्तान सरकार के लिए स्थिति संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

जेकेजेएएसी ने चेतावनी दी है कि यदि गिरफ्तार नेताओं को रिहा नहीं किया गया और लोगों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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