पुणे: चर्चित केतन हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब जांच में एक ऐसा तथ्य सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कथित तौर पर केतन को धक्का देने से पहले सिया ने उसका मोबाइल फोन मांगा था। इसके बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह कदम किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था और क्या फोन हासिल कर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी? जांच एजेंसियां अब इस एंगल से भी मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों को इस केस की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। क्या है पूरा मामला? पुणे में केतन की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआत में इसे एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे मामला हत्या और साजिश की दिशा में मुड़ गया। पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की है और घटनास्थल से मिले सबूतों को भी जांच के दायरे में रखा है। इसी दौरान सिया और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े हुए। धक्का देने से पहले मांगा गया फोन सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह बात सामने आई है कि कथित घटना से कुछ समय पहले सिया ने केतन से उसका मोबाइल फोन मांगा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर फोन मांगने के पीछे क्या वजह थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि यदि मोबाइल फोन में कोई महत्वपूर्ण जानकारी, चैट, कॉल रिकॉर्ड या अन्य डिजिटल सबूत मौजूद थे, तो उन्हें मिटाने की कोशिश की जा सकती थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है। मोबाइल फोन बना जांच की सबसे अहम कड़ी आज के दौर में किसी भी आपराधिक मामले में मोबाइल फोन एक महत्वपूर्ण सबूत माना जाता है। पुलिस अब केतन के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, सोशल मीडिया गतिविधियों और लोकेशन हिस्ट्री की जांच कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई मामलों में डिजिटल साक्ष्य ही पूरी घटना की सच्चाई सामने लाने में मदद करते हैं। क्या सबूत मिटाने की कोशिश हुई? जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या फोन मांगने के पीछे सबूतों को खत्म करने की कोई योजना थी? यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी ने जानबूझकर फोन का डेटा हटाने या छिपाने की कोशिश की, तो यह मामले को और गंभीर बना सकता है। पुलिस साइबर विशेषज्ञों की मदद से फोन से डिलीट किए गए डेटा को भी रिकवर करने की कोशिश कर रही है। सिया और चेतन के बयानों में विरोधाभास इस मामले में पहले भी सिया और चेतन के बयानों में कई विरोधाभास सामने आने की खबरें आई थीं। दोनों ने अलग-अलग घटनाक्रम बताए, जिसके कारण जांच एजेंसियों को संदेह हुआ। पुलिस अब दोनों के बयानों का मिलान कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था। परिवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग केतन के परिवार ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और घटना से जुड़े हर पहलू की सच्चाई सामने आनी चाहिए। परिजनों ने जांच एजेंसियों से डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सबूतों की गहराई से जांच करने की अपील की है। पुलिस की जांच कई दिशाओं में पुलिस फिलहाल कई पहलुओं पर जांच कर रही है— मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा। कॉल डिटेल रिकॉर्ड। घटनास्थल के साक्ष्य। संबंधित लोगों के बयान। सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन डेटा। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज पुणे हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार चर्चाएं हो रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि फोन पहले ही मांग लिया गया था, तो उसके पीछे क्या कारण था। हालांकि, पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने का इंतजार करने की अपील की है। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation UP News: राम मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ी, लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती; संत समाज में चिंता की लहर किरायेदार की कारस्तानी: फ्लैट मालकिन के नाम पर 18 करोड़ का लोन, 17 हजार किराया देने वाला निकला करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड!