नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में हाल के दिनों में हुए हमलों और जवाबी कार्रवाई के बाद स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है। इस बीच भारत ने भी घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। भारत ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद आवश्यक है तथा किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई से बचा जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भी क्षेत्रीय हालात पर चिंता जताई है और विभिन्न देशों के नेताओं के साथ बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली है। भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।

संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी संघर्ष रोकने और बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की है। वैश्विक समुदाय का मानना है कि शांति और कूटनीति ही इस संकट का स्थायी समाधान है।

 

 

 

 

 

* रिपोर्टर * ( श्रीमती शोभा भाटी )

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