3 दिन बाद फिर एक्टिव होगा मॉनसून, हफ्ते भर की देरी से पहुंचेगी दिल्ली; विदर्भ के लिए हीट वेव अलर्ट देशभर में मानसून की गतिविधियों को लेकर मौसम विभाग की निगाहें बनी हुई हैं। कुछ दिनों की धीमी रफ्तार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों में मानसून को आगे बढ़ाने वाली परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं, जिसके बाद कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। हालांकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसून की एंट्री सामान्य समय से करीब एक सप्ताह की देरी से होने की संभावना है। तीन दिन बाद फिर जोर पकड़ेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई थी। इसके पीछे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली अनुकूल मौसमी परिस्थितियों की कमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। लेकिन अब वातावरण में बदलाव हो रहा है और अगले कुछ दिनों में मानसूनी हवाएं फिर से मजबूत हो सकती हैं। इसके चलते मध्य भारत, पूर्वी भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। किसानों और आम लोगों को लंबे इंतजार के बाद राहत मिलने की उम्मीद है। दिल्ली में मानसून की एंट्री में होगी देरी आमतौर पर दिल्ली में मानसून जून के अंतिम सप्ताह तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी होने के कारण राजधानी को कुछ और दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है। अनुमान है कि मानसून अपनी सामान्य तिथि से लगभग एक सप्ताह बाद दिल्ली पहुंच सकता है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के आने से पहले गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है। तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होने के कारण दिन और रात दोनों समय असहज मौसम बना रह सकता है। विदर्भ में हीट वेव का खतरा जहां देश के कई हिस्से बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गर्म हवाओं का प्रकोप जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने यहां के कई इलाकों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और तेज धूप से बचाव करने की सलाह दी है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खेती और जल संसाधनों पर प्रभाव मानसून में देरी का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। देश के कई हिस्सों में किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश में देरी से बुवाई का समय प्रभावित हो सकता है, हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद स्थिति में सुधार आने की संभावना है। जलाशयों और भूजल स्तर के लिए भी मानसून बेहद महत्वपूर्ण होता है। पर्याप्त वर्षा होने से जल संसाधनों में सुधार होता है और आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता बेहतर बनी रहती है। अगले कुछ दिनों में बदल सकता है मौसम का मिजाज मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले सप्ताह देश के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से मध्य और उत्तर भारत में अच्छी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। वहीं जिन क्षेत्रों में अभी गर्मी और लू का प्रभाव बना हुआ है, वहां लोगों को कुछ और दिनों तक सावधानी बरतनी होगी। फिलहाल, मानसून की धीमी चाल ने लोगों की चिंता बढ़ाई है, लेकिन अगले तीन दिनों में इसके दोबारा सक्रिय होने की संभावना से राहत की उम्मीद जगी है। दिल्ली में मानसून के आगमन में भले ही देरी हो रही हो, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदलने और तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation 🌧️ मुंबई में मानसून की दस्तक में देरी: जून के अंतिम सप्ताह तक बारिश की संभावना, बढ़ी उमस और गर्मी