देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर में बारिश की शुरुआत के साथ मौसम सुहावना जरूर हुआ है, लेकिन कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। वहीं मुंबई, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई क्षेत्रों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़े आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से बादल छाए रहे और कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।

हालांकि, कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव और वाहनों की धीमी रफ्तार के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और स्कूल आने-जाने वाले छात्रों पर भी इसका असर देखने को मिला।

मुंबई में लगातार बारिश से मुश्किलें

मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है।

कुछ स्थानों पर लोकल यातायात और सड़क परिवहन भी प्रभावित हुआ। नगर निगम की टीमें जल निकासी और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।

उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के कई जिलों में भारी वर्षा को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

प्रशासन ने जिला अधिकारियों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है।

प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों

मानसून की बारिश खेती के लिए फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा कई बार फसलों को नुकसान भी पहुंचाती है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेती से जुड़े निर्णय लेने की सलाह दे रहे हैं।

जहां पर्याप्त बारिश से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलेगा, वहीं जलभराव वाले क्षेत्रों में फसल नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।

IMD ने जारी किया अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि—

  • मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखें।
  • जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें।
  • बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
  • अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

आपदा प्रबंधन एजेंसियां अलर्ट पर

राष्ट्रीय और राज्य स्तर की आपदा प्रबंधन एजेंसियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव दलों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।

कई जिलों में नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) भी सक्रिय कर दिए गए हैं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

आने वाले दिनों का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। उत्तर भारत, पश्चिमी तट और मध्य भारत के अनेक क्षेत्रों में रुक-रुक कर तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम का अपडेट अवश्य देखना चाहिए।

 

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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