छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, झरनों और आदिवासी संस्कृति के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। लेकिन मानसून के मौसम में बस्तर की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। बारिश की बूंदों से नहाए पहाड़, बादलों से ढकी हरी-भरी वादियां और घुमावदार सड़कें किसी स्वर्ग से कम नहीं लगतीं। खासकर बस्तर का प्रवेश द्वार इन दिनों पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां की प्राकृतिक छटा इतनी मनमोहक है कि एक बार जो यहां आता है, वह इसकी खूबसूरती को जीवनभर नहीं भूल पाता। मानसून में यह इलाका प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं माना जाता। बादलों से घिरी वादियां मोह लेती हैं मन जैसे ही मानसून की पहली बारिश बस्तर की धरती को छूती है, पूरा इलाका हरियाली की चादर ओढ़ लेता है। पहाड़ों के बीच से गुजरते बादल, दूर तक फैली हरी घाटियां और ठंडी हवाएं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। बस्तर के प्रवेश द्वार पर खड़े होकर जब कोई इन खूबसूरत नजारों को देखता है तो उसे ऐसा महसूस होता है जैसे वह किसी चित्रकार की बनाई पेंटिंग के बीच खड़ा हो। बादलों का पहाड़ियों से टकराना और धीरे-धीरे घाटियों में उतरना यहां की सुंदरता को और बढ़ा देता है। प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग यदि आप प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं, तो मानसून के दौरान बस्तर की यात्रा आपके लिए यादगार साबित हो सकती है। यहां का शांत वातावरण, शुद्ध हवा और प्राकृतिक दृश्य मानसिक सुकून प्रदान करते हैं। हर साल बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक बस्तर पहुंचते हैं। कई लोग यहां सिर्फ प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेने और फोटोग्राफी करने के लिए आते हैं। हरियाली से ढकी पहाड़ियां बनती हैं आकर्षण का केंद्र मानसून के दौरान बस्तर की पहाड़ियां घने पेड़ों और हरी घास से ढक जाती हैं। पहाड़ियों के बीच से गुजरती सड़कें और रास्ते यात्रियों को रोमांच का अनुभव कराते हैं। सुबह और शाम के समय जब बादल पहाड़ियों को ढक लेते हैं, तो पूरा क्षेत्र बेहद मनमोहक दिखाई देता है। यही कारण है कि कई पर्यटक यहां घंटों रुककर इन खूबसूरत दृश्यों का आनंद लेते हैं। झरनों की खूबसूरती में लग जाते हैं चार चांद बस्तर अपने शानदार झरनों के लिए भी प्रसिद्ध है। मानसून में यहां के झरने पूरे वेग से बहते हैं और उनकी सुंदरता देखने लायक होती है। बारिश के बाद आसपास के छोटे-छोटे जलप्रपात भी सक्रिय हो जाते हैं, जो इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। कई पर्यटक इन झरनों के साथ तस्वीरें खिंचवाना पसंद करते हैं। फोटोग्राफी और वीडियो शूटिंग के लिए बेहतरीन जगह आज के दौर में सोशल मीडिया और ट्रैवल ब्लॉगिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में बस्तर का यह इलाका फोटोग्राफरों और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए पसंदीदा जगह बन गया है। बादलों से घिरी पहाड़ियां, हरियाली और बारिश की फुहारें यहां आने वाले लोगों को अनगिनत खूबसूरत तस्वीरें लेने का अवसर देती हैं। स्थानीय पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा बस्तर की बढ़ती लोकप्रियता से स्थानीय पर्यटन को भी काफी फायदा हो रहा है। होटल, रिसॉर्ट, स्थानीय बाजार और छोटे व्यवसायों में इन दिनों पर्यटकों की संख्या बढ़ने से रौनक देखने को मिल रही है। स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता को देखने आएं और यहां की संस्कृति एवं परंपराओं को करीब से जानें। सावधानी भी है जरूरी हालांकि मानसून के दौरान बस्तर की खूबसूरती अपने चरम पर होती है, लेकिन इस मौसम में यात्रा करते समय कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी है। मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें। पहाड़ी क्षेत्रों में फिसलन से बचें। बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रुकें। प्राकृतिक स्थलों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। क्यों खास है बस्तर का प्रवेश द्वार? बस्तर का प्रवेश द्वार केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि प्रकृति की अद्भुत दुनिया का स्वागत द्वार है। यहां पहुंचते ही लोगों को ऐसा महसूस होता है कि वे शहरों की भागदौड़ और शोर-शराबे से दूर किसी शांत और खूबसूरत दुनिया में आ गए हैं। मानसून में इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। बादलों से घिरी हरी-भरी वादियां, ठंडी हवाएं और प्राकृतिक नजारे हर किसी का दिल जीत लेते हैं। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation बारिश बनी काल! बिजली के खंभे में उतरे करंट से 7 साल की मासूम की मौत सिवनी में खौफनाक वारदात: कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या, फिर खुद पहुंचा थाने