बारिश के बीच खेल रही 7 वर्षीय बच्ची बिजली के खंभे के करंट की चपेट में आई, इलाज के दौरान मौत

बारिश का मौसम जहां बच्चों के लिए खुशी और मस्ती लेकर आता है, वहीं कई बार छोटी-सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन जाती है। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया, जहां बारिश के बीच खेल रही एक 7 वर्षीय बच्ची बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आ गई। गंभीर रूप से झुलसी बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।

बारिश में खेल रही थी बच्ची

जानकारी के अनुसार, सात वर्षीय बच्ची अपने घर के पास अन्य बच्चों के साथ बारिश में खेल रही थी। बारिश के कारण इलाके में पानी जमा हो गया था और बच्चे उसी पानी में खेल रहे थे। इसी दौरान बच्ची अचानक एक बिजली के खंभे के संपर्क में आ गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही बच्ची ने खंभे को छुआ, वह जोर से चीखी और जमीन पर गिर पड़ी। आसपास मौजूद लोगों को पहले समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है, लेकिन कुछ ही देर में पता चला कि बिजली के खंभे में करंट दौड़ रहा था।

तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया

घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोग बच्ची को तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

इलाज के दौरान बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव तथा मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।

इलाके में फैला आक्रोश

इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का आरोप है कि इलाके में कई बिजली के खंभे और तार लंबे समय से खराब स्थिति में हैं, लेकिन बिजली विभाग ने कभी उनकी मरम्मत नहीं कराई।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान कई बार खंभों में करंट उतरने की शिकायत की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई।

बिजली विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मरों और तारों की नियमित जांच बेहद जरूरी होती है।

यदि समय-समय पर रखरखाव और मरम्मत का कार्य नहीं किया जाए तो बिजली के खंभों में करंट उतरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे हादसे अक्सर लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन जाते हैं।

प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि खंभे में करंट कैसे आया और क्या इसमें किसी विभागीय लापरवाही की भूमिका है।

प्रशासन ने बच्ची के परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही बिजली विभाग से घटना की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।

बारिश के मौसम में बढ़ जाते हैं ऐसे हादसे

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बिजली से जुड़े हादसों की संख्या बढ़ जाती है। बारिश का पानी बिजली के तारों और खंभों तक पहुंचने पर करंट फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

कई बार लोग अनजाने में बिजली के खंभों, स्ट्रीट लाइट पोल या टूटे हुए तारों के संपर्क में आ जाते हैं और गंभीर हादसे हो जाते हैं।

बरतें ये सावधानियां

बारिश के मौसम में कुछ सावधानियां अपनाकर ऐसे हादसों से बचा जा सकता है—

  • बारिश के दौरान बिजली के खंभों और ट्रांसफॉर्मरों से दूरी बनाकर रखें।
  • पानी भरे स्थानों में बच्चों को खेलने न दें।
  • यदि किसी खंभे या तार में करंट होने की आशंका हो तो तुरंत बिजली विभाग को सूचना दें।
  • टूटे हुए बिजली के तार दिखने पर उनसे दूर रहें और दूसरों को भी सतर्क करें।
  • बच्चों को बिजली से जुड़े खतरों के बारे में जागरूक करें।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सात साल की मासूम बच्ची की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चे की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली विभाग ने अपनी जिम्मेदारी निभाई होती तो उनकी बेटी आज जिंदा होती।

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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