मीरजापुर में प्राकृतिक खेती पर बड़ा मंथन, किसानों को दी गई नई दिशा मीरजापुर में खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से “खेती बचाओ अभियान” के तहत प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, बरकछा स्थित न्यू लेक्चर हॉल में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष राज्य मंत्री दया शंकर मिश्र ‘दयालु’ ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री दया शंकर मिश्र ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से न केवल मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यह पद्धति भूमि की उत्पादकता बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली ने किसानों को गौ-आधारित खेती अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देशी गाय प्राकृतिक खेती की आधारशिला है और इसके पालन से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। नगर विधायक पंडित रत्नाकर मिश्र ने कहा कि भारतीय कृषि परंपरा में सदियों से गोबर और गोमूत्र का उपयोग होता रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेती की चुनौतियों के बीच प्राकृतिक खेती मिट्टी और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। चुनार विधायक अनुराग सिंह ने किसानों को श्रीअन्न (मिलेट्स) की खेती बढ़ाने की सलाह दी। उनके अनुसार बदलते मौसम और संभावित सूखे की परिस्थितियों में मोटे अनाज किसानों के लिए अधिक लाभकारी साबित हो सकते हैं। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, आच्छादन और वापसा जैसी प्राकृतिक खेती तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिकों ने देशी बीजों और देशी गायों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, रेशम, फसल बीमा और ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए। करीब 800 किसानों ने कार्यशाला में भाग लेकर प्राकृतिक खेती से जुड़ी आधुनिक एवं पारंपरिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और किसानों का आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला किसानों को रसायनमुक्त और टिकाऊ खेती की दिशा में प्रेरित करने का महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुई। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation जनता के मुद्दों पर कांग्रेस हुई आक्रामक, राज्यपाल से की 15 बड़ी मांगें मीरजापुर में कानून व्यवस्था पर सख्त समीक्षा: लंबित मामलों, साइबर अपराध और आगामी परीक्षाओं को लेकर डीआईजी ने दिए कड़े निर्देश