देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बड़े आतंकी हमले की साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया है। खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित तौर पर जुड़े चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को निशाना बनाने की योजना बनाई जा रही थी। इस कार्रवाई को हाल के वर्षों में राजधानी की सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है। गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से पूछताछ जारी है और कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को कुछ दिनों पहले संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। जांच के दौरान कुछ मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रखी गई। इसके बाद एजेंसियों को पता चला कि कुछ संदिग्ध लोग दिल्ली-NCR में रहकर आतंकी गतिविधियों की योजना बना रहे हैं। कई दिनों की निगरानी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर चार संदिग्धों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली और NCR थे निशाने पर प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आतंकी भीड़भाड़ वाले बाजारों, धार्मिक स्थलों और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इनका उद्देश्य बड़े पैमाने पर दहशत फैलाना और देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इनके साथ और लोग भी जुड़े हुए हैं। ISI से जुड़े होने के मिले संकेत जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार संदिग्धों के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हो सकते हैं। एजेंसियों को कुछ डिजिटल सबूत और संदिग्ध संचार रिकॉर्ड मिले हैं, जिनके आधार पर यह आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी तथ्यों की गहराई से जांच की जा रही है। पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि: उन्हें फंडिंग कहां से मिल रही थी। उनका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। क्या उन्हें विदेश से निर्देश मिल रहे थे। क्या देश में किसी अन्य आतंकी मॉड्यूल से उनका संपर्क था। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में कई बड़े नाम और नए नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। बरामद किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि डिजिटल डेटा से उनके नेटवर्क और साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट चार संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली और NCR में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, मेट्रो स्टेशन, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मॉड्यूल भारत की सुरक्षा एजेंसियां पहले भी कई आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर चुकी हैं। समय-समय पर पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों द्वारा देश में अशांति फैलाने की कोशिशें की जाती रही हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण कई बड़ी साजिशें विफल हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर खुफिया समन्वय और निगरानी व्यवस्था की वजह से आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा रहा है। जनता से सतर्क रहने की अपील सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों की सतर्कता भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation वेनेजुएला में चमत्कार! 8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला सुरक्षा गार्ड, भूकंप में 2,295 की मौत केतन मर्डर केस की पूरी टाइमलाइन: कब, कैसे और क्यों हुई हत्या? सिया पर क्यों उठ रहे सवाल