केंद्र में प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में कई बड़े राजनीतिक फैसले लिए हैं। इनमें कैबिनेट विस्तार और मंत्रिमंडल फेरबदल सबसे अहम रहे हैं। हर कैबिनेट विस्तार के जरिए सरकार ने राजनीतिक और सामाजिक समीकरण साधने, प्रदर्शन के आधार पर मंत्रियों को मौका देने और आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करने की कोशिश की है। आइए जानते हैं कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में कितनी बार कैबिनेट विस्तार हुआ, किन मंत्रियों की छुट्टी हुई और किन नए चेहरों को मौका मिला। 2014: पहली मोदी सरकार का गठन मई 2014 में भाजपा को ऐतिहासिक बहुमत मिलने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने। उनके पहले मंत्रिमंडल में कई वरिष्ठ नेताओं को जगह मिली। प्रमुख मंत्री: Rajnath Singh – गृह मंत्री Arun Jaitley – वित्त मंत्री Sushma Swaraj – विदेश मंत्री Nitin Gadkari – सड़क परिवहन मंत्री सरकार के गठन के कुछ महीनों बाद ही प्रधानमंत्री ने प्रदर्शन के आधार पर मंत्रिमंडल में बदलाव शुरू कर दिए। पहला बड़ा विस्तार – नवंबर 2014 पहले कैबिनेट विस्तार में कई नए चेहरों को शामिल किया गया। भाजपा ने सहयोगी दलों और राज्यों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखा। प्रमुख चेहरे: Manohar Parrikar Suresh Prabhu इस विस्तार में प्रशासनिक अनुभव रखने वाले नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। दूसरा विस्तार – जुलाई 2016 2016 के कैबिनेट विस्तार में युवाओं और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर जोर दिया गया। कई नए मंत्रियों को मौका मिला जबकि कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदली गईं। नए चेहरे: Prakash Javadekar को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। कई राज्य मंत्रियों को पदोन्नति दी गई। तीसरा बड़ा विस्तार – सितंबर 2017 यह मोदी सरकार के पहले कार्यकाल का सबसे बड़ा फेरबदल माना गया। प्रमुख बदलाव: Nirmala Sitharaman को रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। Piyush Goyal को रेलवे मंत्रालय सौंपा गया। कुछ मंत्रियों का प्रदर्शन संतोषजनक न होने के कारण उनकी जिम्मेदारियां कम कर दी गईं। 2019: दूसरी मोदी सरकार का गठन लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को फिर से प्रचंड बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री बने। नए मंत्रिमंडल में कई नए चेहरे शामिल किए गए, जबकि कुछ पुराने नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया। प्रमुख मंत्री: Amit Shah को गृह मंत्री बनाया गया। S. Jaishankar को विदेश मंत्री बनाया गया। Nirmala Sitharaman को वित्त मंत्रालय सौंपा गया। जुलाई 2021: सबसे बड़ा कैबिनेट विस्तार जुलाई 2021 में मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का सबसे बड़ा कैबिनेट विस्तार किया। इसे 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारी और संगठनात्मक संतुलन बनाने के प्रयास के रूप में देखा गया। किन मंत्रियों की हुई छुट्टी? Ravi Shankar Prasad Prakash Javadekar Harsh Vardhan सहित कई मंत्रियों ने इस्तीफा दिया। किन नए चेहरों को मिली जगह? Jyotiraditya Scindia Ashwini Vaishnaw Sarbananda Sonowal Anurag Thakur को बड़ी जिम्मेदारी मिली। इस विस्तार में महिलाओं, ओबीसी, अनुसूचित जाति और जनजातीय समुदायों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया। 2024: तीसरी बार मोदी सरकार लोकसभा चुनाव 2024 के बाद नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस बार सरकार गठबंधन सहयोगियों के साथ बनी, इसलिए मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। प्रमुख चेहरे Rajnath Singh Amit Shah Nitin Gadkari J. P. Nadda साथ ही कई नए सांसदों को भी मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया ताकि क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाया जा सके। कैबिनेट विस्तार के पीछे क्या रही रणनीति? 1. प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन मोदी सरकार ने कई बार यह संदेश दिया कि मंत्री का प्रदर्शन ही उसकी जिम्मेदारी तय करेगा। 2. सामाजिक समीकरण हर विस्तार में ओबीसी, दलित, महिला और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी गई। 3. चुनावी रणनीति उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत जैसे राज्यों को ध्यान में रखकर मंत्रियों का चयन किया गया। 4. युवा नेतृत्व को बढ़ावा सरकार ने कई युवा चेहरों को आगे लाकर पार्टी के भविष्य की नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने की कोशिश की। कितनी बार हुआ कैबिनेट विस्तार? यदि 2014 से 2026 तक के पूरे कार्यकाल को देखा जाए, तो मोदी सरकार में कई बार बड़े और छोटे स्तर पर मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल किए गए हैं। इनमें 2014, 2016, 2017, 2019, 2021 और 2024 के बदलाव सबसे प्रमुख माने जाते हैं। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation अमरनाथ यात्रा 2026: पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं को लिखा पत्र, सुरक्षित यात्रा के साथ पांच संकल्प लेने की अपील एटा में दर्दनाक हादसा: रोडवेज बस को धक्का लगा रहे यात्रियों पर चढ़ा कंटेनर, 4 की मौत, कई घायल