नई तकनीक बनी नई चुनौती

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ ही डीपफेक (Deepfake) तकनीक का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। डीपफेक ऐसी तकनीक है, जिसके जरिए किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज या हाव-भाव को डिजिटल रूप से बदलकर नकली वीडियो तैयार किए जाते हैं। देखने में ये वीडियो इतने वास्तविक लगते हैं कि आम लोगों के लिए असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है।

हाल के महीनों में कई सेलिब्रिटी, राजनेता और आम नागरिक डीपफेक का शिकार बने हैं। इसके चलते सरकार और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है।

कैसे होता है डीपफेक का इस्तेमाल?

साइबर अपराधी AI टूल्स की मदद से किसी व्यक्ति की तस्वीर, वीडियो और आवाज का डेटा जुटाकर नकली वीडियो तैयार करते हैं। इनका उपयोग कई बार फर्जी खबरें फैलाने, वित्तीय धोखाधड़ी करने, ब्लैकमेलिंग या किसी व्यक्ति की छवि खराब करने के लिए किया जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने वाले वीडियो को बिना जांचे-परखे सच मान लेना खतरनाक हो सकता है।

आम लोगों के लिए नई सलाह

🔹 वीडियो की सत्यता जांचें

यदि कोई वीडियो बहुत चौंकाने वाला या विवादास्पद लगे, तो उसे तुरंत सच न मानें। विश्वसनीय समाचार स्रोतों और आधिकारिक खातों से पुष्टि करें।

🔹 आवाज और चेहरे पर ध्यान दें

डीपफेक वीडियो में कई बार होंठों की गतिविधि और आवाज के बीच तालमेल नहीं होता। चेहरे के हाव-भाव भी असामान्य लग सकते हैं।

🔹 अनजान लिंक से बचें

सोशल मीडिया, WhatsApp या Telegram पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। कई बार ऐसे लिंक फर्जी वीडियो या साइबर फ्रॉड से जुड़े होते हैं।

🔹 निजी जानकारी साझा न करें

किसी वीडियो कॉल या ऑडियो संदेश के आधार पर बैंकिंग जानकारी, OTP या व्यक्तिगत डेटा साझा न करें।

🔹 संदिग्ध सामग्री की रिपोर्ट करें

यदि कोई वीडियो नकली या भ्रामक लगता है, तो उसे संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें।

चुनाव और समाज पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार डीपफेक तकनीक केवल व्यक्तिगत स्तर पर ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र और सामाजिक व्यवस्था के लिए भी खतरा बन सकती है। फर्जी वीडियो के जरिए गलत सूचनाएं फैलाकर लोगों की राय को प्रभावित किया जा सकता है।

यही कारण है कि कई देशों की तरह भारत में भी डीपफेक से निपटने के लिए नियमों और तकनीकी उपायों पर काम किया जा रहा है।

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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