राजस्थान की राजधानी  Jaipurके खो नागोरियान क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक कथित अवैध पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। विस्फोट के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के तुरंत बाद फैक्टरी से आग की ऊंची लपटें और धुएं का घना गुबार उठता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की कई गाड़ियां और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया।

धमाके से कांपा पूरा इलाका

स्थानीय निवासियों का कहना है कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकानों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। कुछ घरों की दीवारों में दरारें भी आ गईं। धमाके की आवाज सुनकर लोग पहले तो समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। बाद में जब धुएं का गुबार दिखाई दिया तो लोगों को घटना की गंभीरता का एहसास हुआ।

घटना के समय फैक्टरी के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि विस्फोट के बाद कई लोग मलबे में फंस गए। राहत और बचाव दल ने घंटों की मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

अवैध रूप से संचालित हो रही थी फैक्टरी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर विस्फोट हुआ, वहां पटाखों के निर्माण और भंडारण का कार्य किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह इकाई लंबे समय से संचालित हो रही थी और इसके बारे में प्रशासन को भी जानकारी थी। हालांकि, घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्टरी के पास आवश्यक लाइसेंस और सुरक्षा अनुमति थी या नहीं। यदि अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

तीन लोगों की दर्दनाक मौत

हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। वहीं, कई घायल अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम घायलों का उपचार कर रही है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।

दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा

विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग को फैलने से रोकने के लिए आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया।

पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि विस्फोट के कारणों का वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जा सके।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्रियों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पटाखों के निर्माण में अत्यंत ज्वलनशील और विस्फोटक रसायनों का उपयोग किया जाता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

अक्सर देखा गया है कि अवैध फैक्ट्रियां घनी आबादी वाले इलाकों में संचालित होती हैं, जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में बड़ी संख्या में लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है। खो नागोरियान की घटना भी इसी प्रकार की लापरवाही का परिणाम मानी जा रही है।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि यह पता लगाया जाएगा कि फैक्टरी किसके स्वामित्व में थी, वहां कितने लोग कार्यरत थे और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि आबादी के बीच इस प्रकार की फैक्टरी चलना ही अपने आप में एक बड़ा खतरा था। लोगों ने मांग की कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित सभी पटाखा फैक्ट्रियों की जांच की जाए और अवैध इकाइयों को तुरंत बंद किया जाए।

नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती तो शायद इस दर्दनाक हादसे को रोका जा सकता था।

Editor    Shobha Bhati

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