मेरठ (उत्तर प्रदेश): मेरठ में हुए हंगामे और प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 नामजद समेत करीब 50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। इस घटना में 11 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका इलाज कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, मेरठ में एक मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच झड़प शुरू हो गई। आरोप है कि इस दौरान पथराव और धक्का-मुक्की हुई, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया और हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

13 नामजद, 50 लोगों पर केस

घटना के बाद पुलिस ने उपलब्ध वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 13 नामजद आरोपियों सहित लगभग 50 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

7 आरोपी गिरफ्तार

मेरठ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज की भी जांच की जा रही है ताकि किसी भी आरोपी को कानून से बचने का मौका न मिले।

11 पुलिसकर्मी घायल

हंगामे के दौरान 11 पुलिसकर्मी घायल हुए। उन्हें प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी घायल पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है।

पुलिस विभाग ने घायल जवानों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया।

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

घटना के बाद संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना दोबारा न हो।

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करने की अपील की है।

सोशल मीडिया पर भी नजर

पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे वीडियो और संदेशों की भी निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का बयान

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दोषियों की पहचान कर निष्पक्ष जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

जांच जारी

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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