देशभर के हजारों मेडिकल अभ्यर्थियों की नजर आज होने वाली NEET पुनर्परीक्षा पर टिकी हुई है। परीक्षा शुरू होने में अब केवल कुछ ही मिनट शेष हैं और परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों की भीड़ दिखाई देने लगी है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की पुनर्परीक्षा को लेकर प्रशासन और परीक्षा एजेंसियों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा और दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी छात्र को एंट्री की अनुमति नहीं मिलेगी। परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों में उत्सुकता के साथ-साथ हल्का तनाव भी देखने को मिल रहा है। कई छात्र समय से काफी पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए, ताकि अंतिम समय की किसी परेशानी से बचा जा सके। प्रशासन ने भी छात्रों को सलाह दी है कि वे ट्रैफिक और सुरक्षा जांच को ध्यान में रखते हुए पहले ही केंद्र पर पहुंच जाएं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम NEET जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रवेश द्वारों पर अभ्यर्थियों की गहन जांच की जा रही है। छात्रों को प्रवेश से पहले एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य है। इसके अलावा प्रतिबंधित वस्तुओं जैसे मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नोट्स या अन्य किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री को परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। छात्रों को समय का विशेष ध्यान रखने की सलाह परीक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश का समय समाप्त होने के बाद किसी भी परिस्थिति में छात्रों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। कई बार ट्रैफिक जाम, गलत पते या अन्य कारणों से छात्र देर से पहुंच जाते हैं, जिससे उन्हें परीक्षा देने का अवसर खोना पड़ सकता है। इसलिए परीक्षा के दिन अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। पुनर्परीक्षा को लेकर छात्रों में उत्साह और चिंता NEET पुनर्परीक्षा में शामिल हो रहे छात्रों के लिए यह अवसर बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय की तैयारी और मेहनत के बाद छात्र इस परीक्षा के जरिए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने का सपना पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं। कई छात्रों ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से अंतिम तैयारी और रिवीजन में जुटे हुए थे। परीक्षा से पहले छात्रों ने शांत मन से प्रश्नों को पढ़ने और समय प्रबंधन का ध्यान रखने की रणनीति बनाई है। अभिभावक भी रहे मौजूद परीक्षा केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के साथ पहुंचे। कई माता-पिता ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और उन्हें बिना तनाव के परीक्षा देने की सलाह दी। अभिभावकों का कहना है कि NEET जैसी कठिन परीक्षा में सफलता के लिए केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास भी बेहद जरूरी है। परीक्षा के दौरान इन नियमों का पालन जरूरी परीक्षा केंद्र में प्रवेश के बाद छात्रों को सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। उन्हें निर्धारित सीट पर बैठना होगा और परीक्षा निरीक्षकों के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे प्रश्न पत्र मिलने के बाद पहले उसे ध्यान से पढ़ें और समय के अनुसार प्रश्न हल करें। जल्दबाजी या घबराहट में गलती करने से बचना जरूरी है। रिजल्ट और आगे की प्रक्रिया पर रहेगी नजर पुनर्परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों की नजर उत्तर कुंजी, परिणाम और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया पर रहेगी। मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए NEET का स्कोर बेहद अहम भूमिका निभाता है। फिलहाल देशभर में परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ ही मिनटों में शुरू होने वाली यह पुनर्परीक्षा हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ी हुई है। ऐसे में सभी अभ्यर्थियों की कोशिश रहेगी कि वे पूरे आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ परीक्षा दें और अपने डॉक्टर बनने के सपने की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ाएं। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation International Yoga Day: दिल्ली-एनसीआर में दिखा योग का उत्साह, लोगों ने अपनाया स्वस्थ जीवन का संकल्प