ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। राजधानी Tehran में शुरू हुए राजकीय अंतिम संस्कार समारोह में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि यह देश के इतिहास के सबसे बड़े जनसमूहों में से एक हो सकता है, जिसमें करोड़ों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

ताबूत देखकर नम हुईं नेताओं की आंखें

शुक्रवार को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में जब अली खामेनेई का ताबूत सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा गया, तब कई वरिष्ठ नेता भावुक नजर आए। ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi की आंखें नम हो गईं। दोनों नेताओं को ताबूत के पास खड़े होकर श्रद्धांजलि देते हुए देखा गया।

ताबूत को ईरान के राष्ट्रीय ध्वज और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया था। हजारों की संख्या में मौजूद लोग “या हुसैन” और अन्य धार्मिक नारों के साथ अपने नेता को श्रद्धांजलि देते नजर आए।

छह दिन तक चलेंगी अंतिम संस्कार की रस्में

ईरानी प्रशासन ने अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को कई चरणों में आयोजित करने का फैसला किया है। अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम छह दिनों तक चलेंगे। कार्यक्रमों का आयोजन तेहरान, क़ोम, नजफ, करबला और अंत में मशहद में किया जाएगा, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, अंतिम संस्कार की तैयारियां कई सप्ताह से चल रही थीं और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद

ईरान सरकार का अनुमान है कि अंतिम विदाई कार्यक्रम में लाखों लोग शामिल होंगे। कुछ अधिकारियों ने तो यहां तक दावा किया है कि 2 करोड़ से अधिक लोग विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं।

तेहरान में सड़कों पर भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। शहर के कई इलाकों में यातायात व्यवस्था बदली गई है और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

दुनिया की नजरें ईरान पर

अली खामेनेई के अंतिम संस्कार पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। ईरान ने कई देशों के प्रतिनिधियों को समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। रिपोर्टों के अनुसार, 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और कई विदेशी गणमान्य व्यक्ति तेहरान पहुंच सकते हैं।

इस समारोह को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ईरान की राजनीतिक और कूटनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।

कौन थे अली खामेनेई?

अली खामेनेई ने 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में देश का नेतृत्व किया। उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान की राजनीति, विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति को दिशा दी।

उनके नेतृत्व में ईरान ने कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना किया। समर्थकों के लिए वे देश की संप्रभुता और प्रतिरोध की राजनीति के प्रतीक थे, जबकि आलोचक उनकी नीतियों को लेकर सवाल उठाते रहे।

अंतिम यात्रा का राजनीतिक महत्व

विश्लेषकों का मानना है कि यह अंतिम संस्कार केवल शोक का अवसर नहीं है, बल्कि ईरान के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षण भी है। इस आयोजन के जरिए ईरान दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद देश की राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ईरानी नेतृत्व के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण संकेत साबित हो सकती है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

अंतिम संस्कार को लेकर तेहरान और अन्य शहरों में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और समारोह स्थलों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है।

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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