भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राज़ील में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद इंडोनेशिया के साथ अपने कूटनीतिक संवाद के दौरान एक बार फिर भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का संदेश दुनिया को दिया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने लोकप्रिय बॉलीवुड फिल्म ‘कुछ-कुछ होता है’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय बदल चुका है और भारत के साथ मिलकर “बहुत कुछ होता है”। उनके इस बयान को भारत की आर्थिक, रणनीतिक और वैश्विक ताकत के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री का यह अंदाज न केवल हल्के-फुल्के हास्य से भरपूर था, बल्कि इसके पीछे भारत की बदलती अंतरराष्ट्रीय स्थिति और वैश्विक साझेदारियों का मजबूत संदेश भी छिपा था। उनके इस बयान की चर्चा भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी हो रही है। भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिली नई मजबूती प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के साथ भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते सदियों पुराने हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा, समुद्री सहयोग, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और निवेश जैसे कई क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले देश हैं और दोनों का लक्ष्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देना है। ‘कुछ-कुछ होता है’ वाले बयान का क्या मतलब था? अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा कि पहले लोग कहते थे “कुछ-कुछ होता है”, लेकिन आज भारत के साथ जुड़कर “बहुत कुछ होता है।” इस बयान के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि आज का भारत केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक विकास का मजबूत साझेदार बन चुका है। चाहे डिजिटल भुगतान प्रणाली हो, अंतरिक्ष मिशन, रक्षा उत्पादन, स्टार्टअप, हरित ऊर्जा या फिर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला—भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका पिछले कुछ वर्षों में भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान लगातार मजबूत हुई है। जी-20 की अध्यक्षता, चंद्रयान-3 की सफलता, डिजिटल इंडिया अभियान, रिकॉर्ड विदेशी निवेश और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने भारत को दुनिया की प्रमुख शक्तियों में शामिल कर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि आज दुनिया भारत को केवल एक उपभोक्ता बाजार के रूप में नहीं, बल्कि नवाचार, तकनीक और समाधान देने वाले देश के रूप में देख रही है। व्यापार और निवेश पर विशेष जोर भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों ने ऊर्जा, कोयला, पाम ऑयल, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय कंपनियों को इंडोनेशिया में निवेश बढ़ाने और इंडोनेशियाई निवेशकों को भारत में अवसरों का लाभ उठाने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि भारत का तेजी से विकसित होता बुनियादी ढांचा और अनुकूल निवेश वातावरण वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है। डिजिटल इंडिया बना वैश्विक मॉडल प्रधानमंत्री ने डिजिटल भुगतान प्रणाली, यूपीआई, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और ई-गवर्नेंस की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि कई देश भारत के डिजिटल मॉडल में रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपने अनुभव और तकनीक को मित्र देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है ताकि डिजिटल समावेशन को बढ़ावा मिल सके। समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक सहयोग भारत और इंडोनेशिया हिंद महासागर क्षेत्र के महत्वपूर्ण देश हैं। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुक्त, सुरक्षित और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है। भारत की आर्थिक ताकत का संदेश प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। विनिर्माण, हरित ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के साथ साझेदारी को भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार मान रही है। कूटनीति में अलग अंदाज प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषणों में अक्सर आम बोलचाल के उदाहरण और लोकप्रिय सांस्कृतिक संदर्भों का उपयोग करते हैं। इस बार भी ‘कुछ-कुछ होता है’ का जिक्र कर उन्होंने गंभीर कूटनीतिक संदेश को सहज और यादगार तरीके से प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संदर्भ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सकारात्मक और आत्मविश्वासी छवि बनाने में मदद करते हैं। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation कुल्लू: भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, सड़क बंद होने से बढ़ी लोगों की परेशानी इटावा में शादी समारोह के दौरान बड़ा घटनाक्रम, जयमाला से पहले दुल्हन के फैसले से मचा हड़कंप