कुल्लू: भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, सड़क बंद होने से बढ़ी लोगों की परेशानी हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच कुल्लू जिले के घटीगढ़ क्षेत्र में हुए बड़े भूस्खलन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। पहाड़ से लगातार चट्टानें और मलबा गिरने के कारण सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। हालात ऐसे हैं कि लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस रास्ते को पार करने के लिए मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, लेकिन सड़क बंद होने के कारण कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग न होने से उन्हें इसी खतरनाक रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है। लगातार गिर रहे पत्थरों से बना खतरा घटीगढ़ क्षेत्र में पहाड़ों से लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा है। बारिश के चलते पहाड़ कमजोर हो चुके हैं, जिससे किसी भी समय बड़े भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर जमा होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए हैं और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। इसके बावजूद जरूरी कामों के कारण कई लोग पैदल ही सड़क पार कर रहे हैं। लोगों की जान पर बनी आफत सबसे चिंताजनक बात यह है कि सड़क बंद होने के बावजूद कई लोग जान जोखिम में डालकर मलबे के बीच से गुजर रहे हैं। कभी भी ऊपर से पत्थर गिर सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग तेज़ी से दौड़कर भूस्खलन वाले हिस्से को पार कर रहे हैं। कुछ लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों के साथ भी इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन और मशीनें सड़क खोलने में जुटीं भूस्खलन की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। हालांकि लगातार बारिश के कारण सफाई कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। जैसे ही मलबा हटाया जाता है, ऊपर से फिर पत्थर गिरने लगते हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम साफ होने के बाद ही सड़क पूरी तरह सुरक्षित बनाई जा सकेगी। कई गांवों का संपर्क प्रभावित सड़क बंद होने से आसपास के कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। लोगों को राशन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान लाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। कई कर्मचारी अपने कार्यस्थल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सड़क बंद होने से कारोबार पर भी असर पड़ा है। मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। कुल्लू, मंडी, चंबा, कांगड़ा और शिमला समेत कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा अभी बना रहेगा। लोगों को नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से की अपील जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित घोषित न हो जाए, तब तक प्रभावित मार्ग से यात्रा न करें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और पुलिस की हेल्पलाइन पर संपर्क करने को कहा गया है। इसके अलावा पर्यटकों को भी मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। विशेषज्ञों की राय भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी और चट्टानों की पकड़ कमजोर हो जाती है। ऐसे में हल्की बारिश भी बड़े भूस्खलन का कारण बन सकती है। इसलिए प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में आधुनिक निगरानी प्रणाली और समय रहते चेतावनी देने वाले उपकरण लगाए जाएं ताकि लोगों को पहले से सतर्क किया जा सके। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation मध्य प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर, आज आएगा 5वीं-8वीं री-एग्जाम का रिजल्ट PM Modi in Indonesia: ‘कुछ-कुछ होता है’ का जिक्र कर दुनिया को दिखाई भारत की बढ़ती ताकत