जयपुर में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। भीषण गर्मी से बचने के लिए कार में एसी चलाकर सोए एक रेजिडेंट डॉक्टर की दम घुटने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रात के समय डॉक्टर अपनी कार में सो रहे थे, लेकिन कुछ समय बाद कार का पेट्रोल खत्म हो गया और एसी बंद हो गया। सुबह जब लोगों ने डॉक्टर को कार से बाहर नहीं निकलते देखा तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद कार का शीशा तोड़कर डॉक्टर को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। गर्मी से बचने के लिए कार में सोना पड़ा भारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक डॉक्टर जयपुर के एक अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर थे। क्षेत्र में भीषण गर्मी और उमस के कारण उन्होंने घर के बजाय कार में एसी चलाकर आराम करने का फैसला किया। रात के दौरान कार का इंजन बंद हो गया, जिससे एसी भी बंद हो गया। पुलिस का मानना है कि बंद कार में लंबे समय तक रहने और ऑक्सीजन की कमी के कारण डॉक्टर की तबीयत बिगड़ गई और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। सुबह लोगों को हुआ शक सुबह काफी देर तक कार का दरवाजा नहीं खुला और डॉक्टर बाहर नहीं निकले तो आसपास मौजूद लोगों को चिंता हुई। उन्होंने कार के अंदर झांककर देखा तो डॉक्टर बेहोश पड़े थे। इसके बाद तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। रेस्क्यू टीम ने कार का शीशा तोड़कर डॉक्टर को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। कार की स्थिति, पेट्रोल की मात्रा और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला दम घुटने और अत्यधिक गर्मी के कारण हुई मौत का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। परिवार और अस्पताल में शोक रेजिडेंट डॉक्टर की अचानक मौत से उनके परिवार, दोस्तों और अस्पताल के कर्मचारियों में शोक की लहर है। साथी डॉक्टरों ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि वह एक प्रतिभाशाली और मेहनती डॉक्टर थे। विशेषज्ञों की चेतावनी विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में कार के अंदर सोना बेहद खतरनाक हो सकता है। बंद कार के अंदर तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है और ऑक्सीजन का स्तर भी प्रभावित हो सकता है। यदि कार का एसी या इंजन बंद हो जाए तो व्यक्ति की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। इन बातों का रखें ध्यान कार में एसी चलाकर लंबे समय तक सोने से बचें। बंद वाहन में कभी भी पूरी रात न बिताएं। यदि मजबूरी में कार में रुकना पड़े तो खिड़कियों को थोड़ा खुला रखें। कार का पेट्रोल और वाहन की स्थिति की नियमित जांच करें। किसी व्यक्ति को लंबे समय तक बंद कार में अकेला न छोड़ें। जयपुर की यह घटना एक बड़ा सबक है कि भीषण गर्मी से बचने के लिए अपनाया गया एक छोटा-सा कदम भी कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकता है। रेजिडेंट डॉक्टर की मौत ने एक बार फिर लोगों को सावधान रहने और कार में सोने के खतरों को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी है। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation घर के अंदर दफन था पति, 45 दिन तक बेखबर बनी रही पत्नी; आगरा में सनसनी अब दिल्ली का हर नागरिक दिल्ली सरकार के पर्यावरण अभियानों से सीधे जुड़कर एक जिम्मेदार ”ग्रीन वारियर” के रूप में अपना स्थायी योगदान दे सकेगा।