गाजियाबाद के राजनगर इलाके से घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां राजनगर निवासी मुकेश गुप्ता पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी संगीता गुप्ता और अपने दो बच्चों पंखुड़ी और उमंग के साथ मारपीट की और उसके बाद घर में आग लगाकर फरार हो गया। घटना के बाद पीड़ित पत्नी ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, राजनगर निवासी संगीता गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उनके पति मुकेश गुप्ता का व्यवहार लंबे समय से उनके और बच्चों के प्रति ठीक नहीं था। पारिवारिक विवाद के चलते अक्सर घर में झगड़े होते रहते थे। लेकिन हाल ही में विवाद इतना बढ़ गया कि मुकेश गुप्ता ने कथित तौर पर पत्नी और दोनों बच्चों के साथ मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि मारपीट के बाद आरोपी ने घर में आग लगा दी और मौके से फरार हो गया। घटना के समय घर में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों ने किसी तरह स्थिति को संभालने की कोशिश की। बच्चों पर भी पड़ा घटना का असर इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि इसमें दो मासूम बच्चे भी प्रभावित हुए। पंखुड़ी और उमंग, जो अभी कम उम्र के हैं, अपने ही घर में हिंसा और भय का सामना करने के लिए मजबूर हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों के सामने हुई इस घटना का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि घरेलू हिंसा का असर केवल पीड़ित पति-पत्नी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और मानसिक विकास पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार घटना के बाद पीड़िता संगीता गुप्ता ने गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ से मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने अपने और अपने बच्चों की सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपी पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की। पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को मामले में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस बताया जा रहा है कि घटना के बाद से मुकेश गुप्ता फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पड़ोसियों में दहशत घटना के बाद राजनगर इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने घर से शोर-शराबे की आवाजें सुनी थीं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो जाएगा। पड़ोसियों के मुताबिक, परिवार में पहले भी विवाद की बातें सामने आती रही थीं, लेकिन इस बार स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। बढ़ते घरेलू हिंसा के मामले यह घटना एक बार फिर समाज में बढ़ते घरेलू हिंसा के मामलों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। पारिवारिक विवाद जब हिंसा का रूप ले लेते हैं तो उसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़ितों को समय रहते कानूनी सहायता और सामाजिक समर्थन मिलना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस जांच पर टिकी सबकी नजर फिलहाल, इस मामले में सभी की नजर पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है। पीड़िता और उनके परिवार को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गाजियाबाद का यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि घरेलू विवादों को हिंसा और अपराध में बदलने से रोकने के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। पुलिस की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई से ही यह साफ हो पाएगा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और पीड़ित परिवार को कब न्याय मिल पाएगा। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation अब दिल्ली का हर नागरिक दिल्ली सरकार के पर्यावरण अभियानों से सीधे जुड़कर एक जिम्मेदार ”ग्रीन वारियर” के रूप में अपना स्थायी योगदान दे सकेगा। गुजरात के राजकोट में सनसनी: तीन साल तक पत्नी समझकर साथ रहा शख्स, सच सामने आने पर हुई हत्या