उत्तर प्रदेश के Etah जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। यहां एक खराब हुई रोडवेज बस को धक्का लगा रहे यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर चीख-पुकार गूंज उठी। कैसे हुआ हादसा? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रोडवेज बस यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। इसी दौरान बस में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण वह सड़क किनारे रुक गई। चालक और परिचालक ने कुछ यात्रियों की मदद से बस को धक्का देकर आगे बढ़ाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बस और उसे धक्का लगा रहे यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई लोग सड़क पर दूर जा गिरे, जबकि कुछ लोग बस और कंटेनर के बीच दब गए। चार लोगों की मौके पर मौत हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पुलिस उनके परिजनों को सूचना देने में जुटी है। घटना में घायल हुए लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों की टीम घायलों का इलाज कर रही है। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। कई राहगीरों ने अपने वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का प्रतीत हो रहा है। कंटेनर चालक की तलाश की जा रही है। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जताया दुख उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला प्रशासन को राहत कार्य में तेजी लाने और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई वाहन खराब हो जाए, तो यात्रियों को सड़क पर उतरकर उसे धक्का लगाने के बजाय सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए। सड़क परिवहन विशेषज्ञों के मुताबिक, खराब वाहन के पीछे चेतावनी संकेत और रिफ्लेक्टर लगाए जाने चाहिए ताकि पीछे से आने वाले वाहन समय रहते सतर्क हो सकें। रात या कम दृश्यता की स्थिति में यह और भी आवश्यक हो जाता है। स्थानीय लोगों में आक्रोश हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार भारी वाहन दौड़ते हैं, जिसके कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। शोक में डूबे परिवार मृतकों के घरों में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनके लिए यह हादसा जिंदगी भर का दर्द बन गया है। वहीं घायल यात्रियों के परिजन अस्पतालों के बाहर अपने प्रियजनों के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation मोदी सरकार के 12 साल में कितनी बार हुआ कैबिनेट विस्तार, कब किन चेहरों की हुई छुट्टी, किसे मिली जगह? **भारत को मिली नई ऊर्जा ताकत: नई रिफाइनरी से बढ़ेगा पेट्रोल-डीजल और गैस उत्पादन, ईंधन संकट से मिलेगी राहत**