दिल्ली-NCR में मौसम ने ली करवट

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी और लू से जल्द राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। पिछले कई दिनों से तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा था, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा था। हालांकि अब मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और कई इलाकों में तेज हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।


लू और गर्मी से परेशान थे लोग

जून के महीने में दिल्ली-एनसीआर में गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई थी। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा था। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था।

विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे और बाहर काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में वृद्धि देखी गई।


बादलों की दस्तक से बदला मौसम

पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बादल छाए रहे। कुछ क्षेत्रों में धूल भरी हवाएं भी चलीं, जिसके बाद तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। यही प्रणाली आने वाले दिनों में बारिश की संभावना को बढ़ा रही है।

बारिश से मिल सकती है बड़ी राहत

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश होने पर तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि लगातार बारिश होती है तो दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का प्रकोप काफी हद तक कम हो सकता है।

हालांकि कुछ इलाकों में तेज हवाओं और आंधी की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


वायु गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद

गर्मी और धूल के कारण पिछले दिनों वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में खराब श्रेणी में पहुंच गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश होने से हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण नीचे बैठ जाएंगे, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल सकता है।

इसका सकारात्मक प्रभाव श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर भी पड़ेगा।


किसानों के लिए अच्छी खबर

दिल्ली से सटे हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों के किसानों के लिए भी मौसम में बदलाव राहत भरा हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी। हालांकि अत्यधिक बारिश की स्थिति में जलभराव जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।


यातायात पर पड़ सकता है असर

बारिश और तेज हवाओं के कारण कुछ क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर में हर साल मानसून की शुरुआती बारिश के दौरान कई जगह जलभराव की समस्या देखने को मिलती है। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।


विशेषज्ञों की सलाह

मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
  • दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
  • मौसम अपडेट पर नजर रखें।
  • तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

मानसून की ओर बढ़ते कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में यह बदलाव मानसून की दस्तक का संकेत भी हो सकता है। उत्तर भारत में मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

यदि मौसम विभाग के अनुमान सही साबित होते हैं तो जून के अंतिम सप्ताह तक दिल्ली-एनसीआर में मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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