मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक नगर महेश्वर में सोमवती अमावस्या के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पवित्र नर्मदा नदी में स्नान और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हालांकि आस्था के इस महापर्व के बीच एक दुखद घटना ने सभी को झकझोर दिया। नर्मदा स्नान के दौरान दो श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

सोमवती अमावस्या हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इसी कारण प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु महेश्वर पहुंचे थे। प्रसिद्ध अहिल्या घाट, फांसे घाट और अन्य प्रमुख घाटों पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी।

प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। घाटों पर पुलिस बल, गोताखोरों की टीम, होमगार्ड और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात थीं। बावजूद इसके स्नान के दौरान दो श्रद्धालु गहरे पानी में चले गए और डूब गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचा। गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों के शवों को नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतकों की पहचान तथा उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दुर्घटना के बाद घाटों पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की। अधिकारियों ने लोगों से निर्धारित सीमाओं के भीतर ही स्नान करने और गहरे पानी में न जाने की सलाह दी।

महेश्वर में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और पूजा-पाठ का दौर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने नर्मदा मैया की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की। शाम को नर्मदा आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

हालांकि सोमवती अमावस्या का यह पर्व आस्था और श्रद्धा का प्रतीक रहा, लेकिन दो श्रद्धालुओं की मौत ने उत्सव के माहौल को गमगीन कर दिया। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत करने की बात कही है।

 

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *