राजस्थान के शिक्षा नगरी के रूप में प्रसिद्ध कोटा में 17 जून को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बड़ी छात्र महारैली को संबोधित करने जा रहे हैं। इस रैली को कांग्रेस और उसके छात्र संगठन देशभर के युवाओं और विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाने के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में देख रहे हैं। रैली में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कोटा देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब है, जहां लाखों छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे में छात्रों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए कोटा को रैली के आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है। पार्टी का दावा है कि इस कार्यक्रम में राजस्थान समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे।

राहुल गांधी पिछले कुछ समय से लगातार युवाओं, छात्रों और रोजगार के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। उन्होंने कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर सरकार की आलोचना की है। माना जा रहा है कि कोटा की इस महारैली में भी वे इन विषयों को प्रमुखता से उठाएंगे।

कांग्रेस का कहना है कि देश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समय पर रोजगार और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रियाएं मिलनी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में छात्रों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी छात्रों से सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे।

रैली की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कांग्रेस के स्थानीय और प्रदेश स्तर के नेता लगातार बैठकें कर रहे हैं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रणनीति बना रहे हैं। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन भी कार्यक्रम को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह रैली केवल छात्र हितों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। राजस्थान सहित कई राज्यों में युवाओं का बड़ा वोट बैंक है और कांग्रेस इस वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

17 जून को होने वाली यह महारैली राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बनी हुई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राहुल गांधी छात्रों के सामने कौन-कौन से मुद्दे उठाते हैं और इस कार्यक्रम का राजनीतिक प्रभाव कितना व्यापक होता है।

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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