बिहार में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने और छात्रों को आपदा प्रबंधन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया गया है। राज्यपाल के आदेश के अनुसार अब राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में एनसीसी (NCC) और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण को अनिवार्य कर दिया गया है। इस निर्णय को छात्रों के सर्वांगीण विकास और समाज सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार किया जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप, आगजनी और अन्य आपात स्थितियों में कैसे काम करना है, इसकी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। बिहार जैसे राज्य में, जहां हर साल बाढ़ जैसी समस्याएं सामने आती हैं, यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्यपाल के इस आदेश का उद्देश्य युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक बनाना है। एनसीसी प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों में देशभक्ति, टीमवर्क और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित होगी। वहीं आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण उन्हें संकट की घड़ी में तेजी से निर्णय लेने और लोगों की मदद करने के लिए सक्षम बनाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार, यह कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। शुरुआत में बड़े विश्वविद्यालयों से इसकी शुरुआत होगी और धीरे-धीरे सभी कॉलेजों को इसमें शामिल किया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षित एनसीसी अधिकारियों और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। साथ ही प्रशिक्षण के लिए विशेष मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे ताकि छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान मिल सके। इस फैसले को लेकर शिक्षा जगत और सामाजिक संगठनों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे युवाओं में नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी और वे किसी भी आपात स्थिति में समाज के लिए एक मजबूत सहारा बन सकेंगे। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र इस प्रशिक्षण से अधिक लाभान्वित होंगे। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि आज के समय में केवल शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को जीवन कौशल और आपदा से निपटने की क्षमता भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार को एक सुरक्षित और जागरूक समाज की दिशा में आगे ले जाएगी। इस निर्णय के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। कॉलेजों में एनसीसी यूनिट बढ़ाने और आपदा प्रबंधन से जुड़े संसाधनों को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही छात्रों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह भी देखा जा रहा है। कुल मिलाकर यह फैसला बिहार के शिक्षा ढांचे में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे न केवल छात्रों का व्यक्तित्व विकास होगा, बल्कि वे भविष्य में समाज और देश के लिए एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभा सकेंगे। कुल मिलाकर यह फैसला बिहार के शिक्षा ढांचे में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे न केवल छात्रों का व्यक्तित्व विकास होगा, बल्कि वे भविष्य में समाज और देश के लिए एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभा सकेंगे। Editor .. Shobha bhati Post navigation सहारा रेगिस्तान में दिल दहला देने वाली घटना: ट्रक खराब होने से 49 लोगों की भूख-प्यास से दर्दनाक मौत