मिर्जापुर 17 जून। कहते हैं कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती और प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, संकल्प अटूट हो और मेहनत ईमानदार हो, तो गांव की पगडंडियों से निकलकर भी दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मंचों तक पहुंचा जा सकता है। मिर्जापुर जनपद के गांव पचेगड़ा की बेटी रूपा पटेल ने अपनी असाधारण उपलब्धि से इस सत्य को एक बार फिर प्रमाणित कर दिया है।काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी के कृषि विज्ञान संस्थान में मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग की शोध छात्रा रूपा पटेल ने यूरोपीय देश सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में आयोजित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्मजीव विज्ञान सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए जनपद और देश का मान बढ़ाया है। विश्व के विभिन्न देशों से आए वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के बीच उनकी उपस्थिति और शोध प्रस्तुति भारतीय प्रतिभा की सशक्त पहचान बनकर उभरी।रूपा पटेल को इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुदान पुरस्कार प्राप्तकर्ता के रूप में चयनित किया गया। उन्हें यात्रा अनुदान के साथ चार दिवसीय प्रवास हेतु आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए लगभग 77 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय कृषि अनुसंधान और ग्रामीण प्रतिभा के लिए भी गौरव का विषय है।सम्मेलन में उन्होंने शोध आलेख प्रदर्शन और संक्षिप्त वैज्ञानिक व्याख्यान के माध्यम से अपने शोध कार्य को प्रस्तुत किया। उनका शोध सूक्ष्मजीव समूहों के उपयोग से सब्जी फसलों की उत्पादकता, गुणवत्ता और पोषण मूल्य में वृद्धि पर आधारित है। यह शोध मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला माना जा रहा है।वर्तमान में रूपा पटेल प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर अमितावा रक्षित के निर्देशन में शोध कार्य कर रही हैं। विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह है कि वह अपने गांव पचेगड़ा की पहली बेटी हैं, जो काशी हिंदू विश्वविद्यालय से शोध उपाधि के लिए अध्ययनरत हैं और किसी यूरोपीय देश में भारत का प्रतिनिधित्व करने पहुंची हैं। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण परिवेश की बेटियों के लिए एक नई प्रेरणा और संभावनाओं के द्वार खोलने वाली है।उनकी इस उपलब्धि पर पिता शिवकुमार सिंह, माता मंजू देवी,अजीत सिंह, सुरेश सिंह, बृजेश पटेल, रामप्रकाश पटेल, राजेश सिंह, संदीप पटेल सहित क्षेत्र के गणमान्य लोगों, विश्वविद्यालय परिवार, शोधार्थियों और शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।रूपा पटेल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरु प्रोफेसर अमितावा रक्षित, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश सरकार, भारत सरकार तथा सर्बिया सरकार को देते हुए कहा कि यह अनुभव उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वह कृषि अनुसंधान एवं नवाचार के माध्यम से देश और समाज के लिए कार्य करती रहेंगी तथा इच्छुक विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए सदैव तत्पर रहेंगी। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation थाना चुनार पुलिस द्वारा महिला के साथ दुष्कर्म के अभियोग से सम्बन्धित अभियुक्त गिरफ्तार* कानपुर सेंट्रल पर बनेगा बड़ा होल्डिंग एरिया, भीड़ प्रबंधन को लेकर रेलवे की बड़ी तैयारी!