अब एक शिकायत पर होगा एक्शन… FSSAI ने लॉन्च किया Food Safety Connect App, खराब खाने को ऐसे करें रिपोर्ट

देशभर में खाद्य सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Food Safety Connect App लॉन्च किया है। इस नए मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अब आम नागरिक खराब, मिलावटी, एक्सपायर्ड या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की शिकायत सीधे FSSAI तक पहुंचा सकेंगे। इतना ही नहीं, उपभोक्ता अपनी शिकायत के साथ फोटो, वीडियो और लोकेशन भी अपलोड कर सकते हैं, जिससे संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने में आसानी होगी।

FSSAI का कहना है कि इस ऐप का उद्देश्य लोगों को खाद्य सुरक्षा अभियान में भागीदार बनाना और शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाना है। अब यदि किसी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकान, किराना स्टोर या ऑनलाइन फूड डिलीवरी से खरीदे गए खाने में किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है, तो उपभोक्ता कुछ ही मिनटों में इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

क्या है Food Safety Connect App?

Food Safety Connect App एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे FSSAI ने उपभोक्ताओं और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए विकसित किया है। इस ऐप के माध्यम से लोग खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतें, सुझाव और अन्य जानकारी आसानी से साझा कर सकते हैं।

ऐप का इंटरफेस सरल रखा गया है ताकि हर आयु वर्ग के लोग इसका आसानी से उपयोग कर सकें। शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित राज्य या स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग को भेजा जाता है, जहां जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

किन मामलों में कर सकते हैं शिकायत?

इस ऐप के जरिए उपभोक्ता कई प्रकार की शिकायतें दर्ज कर सकते हैं, जैसे—

  • एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ बेचना।
  • खराब या सड़ा हुआ खाना परोसना।
  • मिलावटी खाद्य सामग्री।
  • पैकेजिंग पर गलत जानकारी।
  • बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार।
  • गंदगी या अस्वच्छ वातावरण में भोजन तैयार करना।
  • नकली ब्रांड के खाद्य उत्पाद।
  • खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन।

शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया

Food Safety Connect App के माध्यम से शिकायत दर्ज करना बेहद आसान है। इसके लिए उपयोगकर्ता को—

  1. अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड करना होगा।
  2. मोबाइल नंबर या आवश्यक विवरण के साथ लॉगिन करना होगा।
  3. “Register Complaint” विकल्प चुनना होगा।
  4. समस्या का विवरण लिखना होगा।
  5. फोटो या वीडियो अपलोड करना होगा।
  6. दुकान, होटल या स्थान की जानकारी और लोकेशन जोड़नी होगी।
  7. शिकायत सबमिट करनी होगी।

शिकायत दर्ज होने के बाद उपयोगकर्ता को एक Complaint Reference Number मिलेगा, जिसकी मदद से वह अपनी शिकायत की स्थिति भी ट्रैक कर सकेगा।

शिकायत की होगी निगरानी

FSSAI ने ऐप में शिकायत ट्रैकिंग की सुविधा भी दी है। इससे शिकायतकर्ता यह देख सकेगा कि उसकी शिकायत किस स्तर पर है, जांच शुरू हुई है या नहीं और क्या कार्रवाई की गई है।

इससे शिकायत प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।

उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?

इस ऐप के लॉन्च होने से आम लोगों को कई फायदे मिलेंगे—

  • खराब भोजन की तुरंत शिकायत कर सकेंगे।
  • शिकायत की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे।
  • मिलावटखोरों और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तेज होगी।
  • सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों को बढ़ावा मिलेगा।
  • खाद्य सुरक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।

व्यवसायों पर भी बढ़ेगी जिम्मेदारी

Food Safety Connect App के आने के बाद होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान, स्ट्रीट फूड विक्रेता और अन्य खाद्य कारोबारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। अब किसी भी लापरवाही की शिकायत सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे खाद्य कारोबारियों में स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और कदम

सरकार लगातार विभिन्न सेवाओं को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। Food Safety Connect App भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल शिकायत प्रक्रिया आसान होगी बल्कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों का डेटा भी बेहतर तरीके से एकत्र किया जा सकेगा, जिससे भविष्य में नीति निर्माण और निगरानी को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

विशेषज्ञों की राय

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही मिलावट और खराब खाद्य पदार्थों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। यदि लोग समय पर शिकायत दर्ज करेंगे तो संबंधित विभाग तेजी से जांच कर सकेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना आसान होगा।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि शिकायत दर्ज करते समय सही जानकारी, स्पष्ट फोटो और उपलब्ध होने पर खरीद की रसीद भी संलग्न करें, ताकि जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके।

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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