# नोएडा प्राधिकरण की निर्माणाधीन मार्केट की शटरिंग गिरी, नीचे दबने से तीन कामगार घायल नोएडा में निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां नोएडा प्राधिकरण की निर्माणाधीन मार्केट की शटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में तीन कामगार मलबे के नीचे दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद मजदूरों और अधिकारियों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन मार्केट में छत की ढलाई की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान शटरिंग का एक हिस्सा अचानक कमजोर होकर ढह गया। शटरिंग गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूर संभल भी नहीं पाए और भारी लोहे व लकड़ी के ढांचे के नीचे दब गए। हादसे की आवाज सुनते ही मौके पर मौजूद अन्य श्रमिक दौड़ पड़े और राहत कार्य शुरू किया। कुछ ही देर में पुलिस, दमकल विभाग और प्राधिकरण के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे तीनों कामगारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। तीन मजदूर घायल हादसे में घायल हुए तीनों कामगारों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, सभी की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसी की जान को तत्काल खतरा नहीं बताया गया, हालांकि कुछ मजदूरों को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। अस्पताल में उनका उपचार जारी है और प्रशासन उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शटरिंग और स्कैफोल्डिंग का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुसार किया जाना चाहिए। यदि सामग्री कमजोर हो या उसे सही तरीके से स्थापित न किया गया हो, तो इस प्रकार के हादसे हो सकते हैं। प्रारंभिक आशंका है कि शटरिंग पर अधिक भार पड़ने या तकनीकी खामी के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जांच के आदेश घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। निर्माण कार्य कर रही एजेंसी से भी पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम यह पता लगाएगी कि— शटरिंग तकनीकी मानकों के अनुसार लगाई गई थी या नहीं। निर्माण स्थल पर सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। निर्माण कार्य की नियमित तकनीकी निगरानी की जा रही थी या नहीं। राहत एवं बचाव अभियान हादसे के तुरंत बाद बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर तेजी से राहत अभियान चलाया। मलबा हटाने के लिए मशीनों के साथ-साथ मैनुअल रेस्क्यू भी किया गया ताकि दबे हुए मजदूरों को बिना अतिरिक्त नुकसान पहुंचाए सुरक्षित निकाला जा सके। पुलिस ने एहतियात के तौर पर निर्माण स्थल को अस्थायी रूप से खाली करा दिया और आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित कर दी। स्थानीय लोगों में चिंता इस घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि बड़े निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए ताकि मजदूरों और आम नागरिकों की जान जोखिम में न पड़े। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण कराया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाए। विशेषज्ञों की राय निर्माण विशेषज्ञों का कहना है कि शटरिंग किसी भी भवन निर्माण का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। यदि इसकी डिजाइन, सामग्री या सपोर्ट सिस्टम में थोड़ी भी कमी रह जाए तो पूरा ढांचा असंतुलित होकर गिर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्रत्येक चरण का तकनीकी निरीक्षण आवश्यक है। साथ ही मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होना चाहिए। पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे देश के कई शहरों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान निर्माणाधीन इमारतों, पुलों और बाजारों में शटरिंग गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अधिकांश मामलों में तकनीकी लापरवाही, कमजोर निर्माण सामग्री या सुरक्षा नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण पाए गए हैं। इसी वजह से विशेषज्ञ लगातार निर्माण एजेंसियों से गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की अपील करते रहे हैं। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation 8 साल का प्यार, 72 दिन की शादी और फिर टूटा हर सपना: भरोसे से शुरू हुई कहानी कैसे बनी दर्दनाक रहस्य? अब मोबाइल से करें खराब खाने की शिकायत, FSSAI का Food Safety Connect App हुआ लॉन्च