राजस्थान की राजधानी जयपुर के अजमेर रोड पर हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। अजमेर रोड स्थित 200 फीट चौराहे के पास डिवाइडर पर बैठे एक परिवार को तेज रफ्तार ट्रेलर ने कुचल दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में कैलाशी के पति और उनके तीन मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया। घटना के दूसरे दिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रेलर चालक और खलासी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। कैसे हुआ हादसा? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा जयपुर के व्यस्त अजमेर रोड स्थित 200 फीट चौराहे के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एक परिवार किसी कारणवश सड़क के बीच बने डिवाइडर पर बैठा हुआ था। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गया और परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कैलाशी के पति और उनके तीन बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी गई। उजड़ गया पूरा परिवार इस दुर्घटना ने कैलाशी की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। एक ही पल में उन्होंने अपने पति और तीन बच्चों को खो दिया। परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह दृश्य इतना भयावह था कि जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। घटना के बाद पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता और न्याय दिलाने की मांग की है। पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रेलर को जब्त कर लिया और चालक की तलाश शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए गए। चालक और खलासी गिरफ्तार घटना के दूसरे दिन पुलिस ने ट्रेलर चालक और उसके खलासी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में तेज रफ्तार, लापरवाही या अन्य गंभीर कारण सामने आते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर की व्यस्त सड़कों पर भारी वाहनों की गति पर प्रभावी नियंत्रण और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना बेहद जरूरी है। साथ ही लोगों को भी सड़क के बीच बने डिवाइडर या अन्य जोखिम वाले स्थानों पर बैठने या रुकने से बचना चाहिए। प्रशासन को भी ऐसे स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों में आक्रोश दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। कई लोगों का कहना है कि यदि ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता और भारी वाहनों की नियमित निगरानी होती, तो शायद इस तरह की दुर्घटना टाली जा सकती थी। प्रशासन से मुआवजे की मांग घटना के बाद सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी त्रासदी झेल रहे परिवार को तत्काल राहत और हरसंभव सहयोग मिलना चाहिए। जांच जारी फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation पत्नी की हत्या के बाद सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचा आरोपी, पूरे इलाके में सनसनी दिल्ली के करुणा अस्पताल पर गंभीर आरोप: डिलीवरी के दौरान महिला के पेट में सर्जिकल स्पंज छोड़ने का दावा, पुलिस जांच शुरू