श्रावण मास के पावन अवसर पर शुरू होने वाले कांवड़ मेले को लेकर उत्तराखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर साल लाखों शिवभक्त हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य धार्मिक स्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी नाम से संचालित होटल, ढाबे और भोजनालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क वसूलने यानी ओवररेटिंग करने वाले प्रतिष्ठानों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। वहीं, कांवड़ यात्रा के दौरान ऋषिकेश में मांस और मदिरा की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लागू रहेगा।

फर्जी नाम से कारोबार करने वालों पर सख्ती

प्रशासन के अनुसार, कुछ स्थानों पर होटल, ढाबे और भोजनालय गलत या भ्रामक नामों से संचालित होने की शिकायतें मिली थीं। इसे देखते हुए संबंधित विभागों को ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

यदि जांच में किसी प्रतिष्ठान द्वारा नियमों का उल्लंघन या गलत जानकारी देकर कारोबार करने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना है।

ओवररेटिंग पर भी रहेगी नजर

कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से होटल, ढाबों और दुकानों पर भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में कई बार निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें सामने आती हैं।

प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रतिष्ठान अपनी मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें। यदि कोई होटल, ढाबा या दुकान तय दर से अधिक कीमत वसूलता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ऋषिकेश में मांस और मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध

कांवड़ यात्रा की अवधि में धार्मिक वातावरण और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए ऋषिकेश नगर क्षेत्र में मांस और मदिरा की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

प्रशासन का कहना है कि यह प्रतिबंध यात्रा अवधि तक प्रभावी रहेगा और संबंधित विभाग इसकी निगरानी करेंगे।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

इस बार कांवड़ मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने कई विशेष व्यवस्थाएं की हैं, जिनमें—

  • अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती।
  • ट्रैफिक डायवर्जन प्लान।
  • मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की व्यवस्था।
  • पेयजल और शौचालय की सुविधाएं।
  • सीसीटीवी कैमरों से निगरानी।
  • कंट्रोल रूम की स्थापना।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाना है।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी कड़ी

यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस, अर्धसैनिक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से भी निगरानी रखी जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

व्यापारियों को जारी किए गए निर्देश

स्थानीय प्रशासन ने होटल, ढाबा और दुकान संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें सभी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। साफ-सफाई, खाद्य गुणवत्ता और मूल्य सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य बताया गया है।

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई या अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

श्रद्धालुओं से भी अपील

प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित मार्गों का उपयोग करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की स्थिति में नजदीकी चिकित्सा केंद्र से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर व्यवस्थाओं और सख्त निगरानी से श्रद्धालुओं का अनुभव बेहतर होगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पारदर्शी व्यवस्था से स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

 

 

 

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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