पुणे, 28 जून 2026: चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों सिया और चेतन ने पूछताछ के दौरान एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों ही खुद को बेगुनाह बताते हुए हत्या की साजिश का जिम्मेदार दूसरे को ठहरा रहे हैं। इस नए घटनाक्रम के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई नए सवाल खड़े हो गए हैं और पूरे मामले में एक बड़ा ट्विस्ट आ गया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपियों के बयान एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां अब डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड, चैट और वित्तीय लेन-देन के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर इस हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड कौन है।

क्या है पूरा मामला?

केतन अग्रवाल हत्याकांड ने उस समय सुर्खियां बटोरी थीं जब व्यवसायी केतन अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में मामला व्यक्तिगत विवाद और कारोबारी दुश्मनी से जुड़ा माना गया, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई नए पहलू सामने आने लगे।

पुलिस ने इस मामले में सिया और चेतन को हिरासत में लिया और दोनों से लंबी पूछताछ की। जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और इसमें कई लोगों की भूमिका हो सकती है।

सिया ने चेतन पर लगाया आरोप

पूछताछ के दौरान सिया ने दावा किया कि पूरी साजिश का मास्टरमाइंड चेतन है। उसके अनुसार, चेतन ने ही योजना बनाई और उसे इस मामले में फंसाने की कोशिश की।

सिया का कहना है कि उसका इस हत्याकांड से कोई सीधा संबंध नहीं है और वह केवल परिस्थितियों के कारण इस मामले में घसीटी गई है।

चेतन ने सिया पर फोड़ा ठीकरा

वहीं दूसरी ओर चेतन ने भी खुद को निर्दोष बताते हुए सिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि हत्या की योजना सिया ने बनाई थी और उसने केवल उसके कहने पर कुछ काम किए।

चेतन ने दावा किया कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं और उसे जानबूझकर इस मामले में फंसाया जा रहा है।

जांच एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती

दोनों आरोपियों के विरोधाभासी बयानों ने जांच को और जटिल बना दिया है। पुलिस अब केवल बयानों पर निर्भर नहीं रहना चाहती और तकनीकी तथा डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनमें मोबाइल फोन डेटा, कॉल रिकॉर्ड और ऑनलाइन चैट शामिल हैं। इन सबूतों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

क्या कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल है?

जांच के दौरान यह संभावना भी जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल हो सकता है, जिसने पर्दे के पीछे रहकर पूरी साजिश को अंजाम दिया।

पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है और दोनों आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

परिवार को न्याय का इंतजार

केतन अग्रवाल के परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

परिजनों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे नए खुलासों ने मामले को और उलझा दिया है, लेकिन उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।

सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा

केतन हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग इस बात को लेकर उत्सुक हैं कि आखिर इस पूरे मामले का असली मास्टरमाइंड कौन है।

कई लोगों का मानना है कि डिजिटल सबूत इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और इन्हीं के आधार पर सच्चाई सामने आएगी।

आगे क्या?

जांच एजेंसियां आने वाले दिनों में कई अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती हैं। इसके अलावा फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल डेटा की जांच पूरी होने के बाद कई नए खुलासे होने की संभावना है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे हत्याकांड की सच्चाई सामने लाई जाएगी।

 

 

 

 

रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी

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