नई दिल्ली, 27 जून 2026: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय होने के बावजूद दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अभी कुछ और दिनों तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में मानसून की एंट्री में देरी हो रही है और अब 1 जुलाई के बाद ही राजधानी में बारिश की संभावना जताई जा रही है। आमतौर पर दिल्ली में मानसून जून के आखिरी सप्ताह तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार मौसम की परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक लोगों को गर्म और उमस भरे मौसम से राहत मिलने की संभावना कम है। क्यों हो रही है मानसून में देरी? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ने वाली मानसूनी हवाएं फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं। इसके अलावा, पश्चिमी विक्षोभ और वायुमंडलीय दबाव में बदलाव के कारण मानसून की गति प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी अभी पर्याप्त मात्रा में दिल्ली-एनसीआर तक नहीं पहुंच पा रही है। यही कारण है कि मानसून की एंट्री में कुछ दिनों की देरी हो रही है। बढ़ी गर्मी और उमस मानसून के इंतजार के बीच दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है। दिन के समय तेज धूप और रात में उमस के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि आर्द्रता का स्तर भी अधिक बना रहेगा। इससे लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो सकती है। कब होगी पहली बारिश? आईएमडी के ताजा अनुमान के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 1 जुलाई के बाद मानसून के पहुंचने की संभावना है। इसके बाद राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि मानसूनी हवाओं की गति में तेजी आती है, तो जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। किसानों की बढ़ी चिंता दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मानसून की देरी का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। कई किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश में ज्यादा देरी होती है तो कुछ क्षेत्रों में खेती प्रभावित हो सकती है। हालांकि, मौसम विभाग का मानना है कि जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश होने से स्थिति सामान्य हो सकती है। बिजली की मांग में बढ़ोतरी भीषण गर्मी और उमस के कारण दिल्ली-एनसीआर में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। एयर कंडीशनर और कूलर के अधिक इस्तेमाल से बिजली खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। बिजली कंपनियों का कहना है कि मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि लोगों को बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह गर्मी और उमस के चलते डॉक्टरों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, थकान और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में कम निकलने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग की एडवाइजरी मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। मानसून के आने के बाद कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश और जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए प्रशासन पहले से ही तैयारियों में जुट गया है। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation 🌧️ IMD का अलर्ट: महाराष्ट्र, असम समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी झारखंड के 20 जिलों में आंधी-तूफान और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी, प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की