प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PRAGATI (Pro-Active Governance and Timely Implementation) बैठक में देशभर की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की। इस बैठक में करीब 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कई बड़ी परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं में होने वाली देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विकास कार्यों के साथ-साथ देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध के मुद्दे पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में तकनीक जहां लोगों के जीवन को आसान बना रही है, वहीं साइबर अपराध नई चुनौतियों के रूप में सामने आ रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर प्रभावी रणनीति अपनानी होगी। क्या है PRAGATI बैठक? PRAGATI यानी Pro-Active Governance and Timely Implementation एक ऐसा मंच है, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी योजनाओं और बड़ी परियोजनाओं की समय पर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए की थी। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे केंद्र सरकार के मंत्रालयों, राज्यों के मुख्य सचिवों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करते हैं। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य लंबित परियोजनाओं की बाधाओं को दूर करना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करना और जनता तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है। 30 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में सड़क, रेलवे, ऊर्जा, शहरी विकास और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, सामने आ रही चुनौतियों और समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं में देरी होने से न केवल सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है बल्कि आम नागरिकों को मिलने वाली सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं। इसलिए सभी विभागों को बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों को तेजी से पूरा करना चाहिए। साइबर अपराध पर सरकार की बढ़ती चिंता बैठक में साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल भुगतान से जुड़े अपराध और डेटा सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि साइबर अपराध से निपटने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं, आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए और जांच एजेंसियों की क्षमता को और मजबूत किया जाए। राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय पर जोर पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी बड़ी योजना या परियोजना की सफलता के लिए केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। कई बार भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण परियोजनाओं में देरी होती है। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को मिलकर तेजी से समाधान निकालने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि जनता से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और काम की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। डिजिटल भारत के लिए सुरक्षित साइबर वातावरण जरूरी भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस और इंटरनेट सेवाओं का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नागरिकों के डेटा और वित्तीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर अपराध से लड़ने के लिए केवल कानून ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नागरिकों में जागरूकता, तकनीकी प्रशिक्षण और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था भी आवश्यक है। विकास और सुरक्षा दोनों पर सरकार का फोकस PRAGATI बैठक से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार विकास परियोजनाओं की गति बढ़ाने के साथ-साथ नई चुनौतियों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। एक ओर देश में आधुनिक सड़कें, रेलवे नेटवर्क, ऊर्जा और शहरी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर साइबर सुरक्षा जैसे नए क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा आरोप: ‘संविधान बदलने की साजिश, इसलिए जुटाए जा रहे दूसरे दलों के सांसद’ काशी में क्रिकेटर आकाशदीप और अक्षिता की होगी शादी: धीरेंद्र शास्त्री और रामभद्राचार्य ने वीडियो कॉल कर दी शुभकामनाएं