सोना और चांदी में निवेश करने वालों के लिए पिछले 15 दिन काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। जहां कुछ समय पहले चांदी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही थी, वहीं अब इसकी कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार चांदी की कीमतों में करीब 33,000 रुपये प्रति किलो तक की कमी दर्ज की गई है। वहीं सोने के दामों में भी तेज गिरावट देखने को मिली है, जिससे खरीदारी की योजना बना रहे लोगों को राहत मिली है। चांदी में आई बड़ी गिरावट चांदी की कीमतों में अचानक आई गिरावट ने निवेशकों को हैरान कर दिया है। कुछ दिन पहले तक चांदी रिकॉर्ड स्तर के करीब कारोबार कर रही थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी, मुनाफावसूली और मांग में कमी के कारण इसके दाम तेजी से नीचे आए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और निवेशकों द्वारा मुनाफा निकालना है। औद्योगिक मांग में बदलाव का असर भी चांदी की कीमतों पर देखने को मिला है। सोना कितना सस्ता हुआ? चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी नरमी दर्ज की गई है। पिछले 15 दिनों के दौरान सोने के दामों में हजारों रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट देखने को मिली। हालांकि सोना अभी भी लंबे समय के निवेश के हिसाब से मजबूत माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर इंडेक्स की स्थिति, अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियां इसकी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। 15 दिन के ट्रेंड ने क्या दिखाया? पिछले 15 दिनों के बाजार ट्रेंड को देखें तो शुरुआत में सोना और चांदी दोनों ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रहे थे। इसके बाद लगातार मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते दोनों की कीमतों में गिरावट आने लगी। चांदी की गिरावट ज्यादा तेज रही, क्योंकि इसमें निवेश के साथ-साथ औद्योगिक उपयोग की मांग का भी बड़ा असर पड़ता है। दूसरी ओर सोने में गिरावट अपेक्षाकृत सीमित रही क्योंकि इसे सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में देखा जाता है। क्या यह खरीदारी का सही समय है? कीमतों में आई गिरावट के बाद कई निवेशकों और आम ग्राहकों के मन में सवाल है कि क्या अभी सोना और चांदी खरीदना फायदेमंद रहेगा। बाजार जानकारों का कहना है कि जिन लोगों की लंबी अवधि की निवेश योजना है, वे बाजार की चाल और अपने वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर निर्णय ले सकते हैं। हालांकि केवल कीमतों में आई गिरावट को देखकर जल्दबाजी में निवेश करना उचित नहीं माना जाता। निवेश से पहले बाजार के जोखिम, विशेषज्ञों की राय और अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन करना जरूरी है। त्योहार और शादी के सीजन पर असर भारत में सोने और चांदी की खरीदारी का बड़ा हिस्सा त्योहारों और शादी के सीजन से जुड़ा होता है। कीमतों में आई कमी से ग्राहकों को राहत मिल सकती है और ज्वेलरी बाजार में खरीदारी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ज्वेलर्स का मानना है कि अगर कीमतें कुछ समय तक इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे सोने-चांदी के कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है। आगे क्या रह सकती है कीमतों की दिशा? विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों की दिशा अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। फिलहाल, चांदी में 33,000 रुपये तक की बड़ी गिरावट और सोने में आई नरमी ने बाजार का रुख बदल दिया है। निवेशकों और खरीदारों की नजर अब आने वाले दिनों की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है। ऐसे में खरीदारी या निवेश का फैसला सोच-समझकर और पूरी जानकारी के साथ लेना बेहतर होगा। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation Bank Holiday: बैंक जाने की है तैयारी? अगले हफ्ते 4 दिन बंद रहेंगे बैंक, फटाफट निपटा लें अपने जरूरी काम रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को आसानी से मिलेगा लोन, 23 जून को लगेगा लोक कल्याण मेला