मीरजापुर, 18 जून। विन्ध्याचल मंडल में जन शिकायतों के निस्तारण और जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए सख्त रुख अपनाया है। दूरभाष के माध्यम से विभिन्न तहसीलों में अधिकारियों की उपस्थिति और जनसुनवाई की स्थिति का सत्यापन किया गया, जिसमें कई स्थानों पर लापरवाही सामने आई। समीक्षा के दौरान सोनभद्र की दुद्धी तहसील में उपजिलाधिकारी निर्धारित समय तक कार्यालय नहीं पहुंचे थे। इसे गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने उन्हें भविष्य के लिए चेतावनी जारी की और समय पर उपस्थित होकर जन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। घोरावल तहसील में अधिकारियों की उपस्थिति तो संतोषजनक पाई गई, लेकिन तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए सुधार की चेतावनी दी गई। वहीं राबर्ट्सगंज में एक शिकायत के निस्तारण को लेकर उपजिलाधिकारी की उदासीनता पर नाराजगी व्यक्त की गई। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में केवल अधीनस्थ कर्मचारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय अधिकारी स्वयं सक्रिय भूमिका निभाएं। ओबरा, मीरजापुर सदर और भदोही की औराई तहसील में अधिकारियों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली प्रथम दृष्टया संतोषजनक पाई गई। हालांकि मंडल स्तर पर जनसुनवाई व्यवस्था में अभी व्यापक सुधार की आवश्यकता बताई गई। मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों, उपजिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करें। वरिष्ठ अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी और अधिकारी भी निर्धारित समय पर जनता की समस्याएं सुनें और उनका समाधान करें। आईजीआरएस शिकायतों के संबंध में विशेष निर्देश देते हुए कहा गया कि शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर निस्तारण की गुणवत्ता की जांच की जाए। केवल औपचारिक जवाब देने के बजाय वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि आईजीआरएस मामलों को केवल डेटा एंट्री ऑपरेटरों या लिपिकीय स्तर पर छोड़ना उचित नहीं है, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी नियमित निगरानी करनी होगी। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों, विद्यालयों, कार्यालयों और अन्य संस्थानों का औचक निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिकारी और कर्मचारी समय पर उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि भविष्य में जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के साथ-साथ उसके वरिष्ठ अधिकारी को भी जिम्मेदार माना जाएगा और आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation मीरजापुर में कानून व्यवस्था पर सख्त समीक्षा: लंबित मामलों, साइबर अपराध और आगामी परीक्षाओं को लेकर डीआईजी ने दिए कड़े निर्देश 🏛️ राहुल गांधी के जन्मदिन पर कांग्रेस का रोजगार मेला, युवाओं को नौकरी के अवसर देने की पहल