सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप्स बने साइबर अपराधियों का नया हथियार आज के डिजिटल युग में WhatsApp और Telegram लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोग न केवल बातचीत करते हैं, बल्कि बैंकिंग, बिजनेस और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी करते हैं। लेकिन इन्हीं सुविधाओं का फायदा उठाकर साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में WhatsApp और Telegram आधारित साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कैसे हो रहा है साइबर फ्रॉड? साइबर ठग सबसे पहले किसी अनजान नंबर से संपर्क करते हैं और खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, कंपनी प्रतिनिधि या किसी परिचित व्यक्ति के रूप में पेश करते हैं। इसके बाद वे फर्जी लिंक भेजकर लोगों से उनकी निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। WhatsApp पर “KYC अपडेट करें”, “बैंक खाता बंद होने वाला है” या “लॉटरी जीत गए हैं” जैसे संदेश भेजे जाते हैं। वहीं Telegram पर निवेश योजनाओं, क्रिप्टो ट्रेडिंग और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। फ्रॉड के प्रमुख तरीके 1. फिशिंग लिंक (Phishing Link):ठग नकली वेबसाइट का लिंक भेजते हैं, जहां यूजर अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी दर्ज कर देता है। 2. OTP और UPI फ्रॉड:अपराधी बैंक अधिकारी बनकर OTP या UPI PIN मांगते हैं और खाते से पैसे निकाल लेते हैं। 3. फर्जी जॉब ऑफर:Telegram पर घर बैठे कमाई या पार्ट-टाइम नौकरी का लालच देकर लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस वसूली जाती है। 4. स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स:AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं। 5. WhatsApp अकाउंट हैकिंग:OTP हासिल करके किसी का WhatsApp अकाउंट अपने कब्जे में ले लेते हैं और उसके परिचितों से पैसे मांगते हैं। बचाव के आसान तरीके ✅ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। ✅ WhatsApp या Telegram पर मिले ऑफर की सत्यता जांचें। ✅ OTP, UPI PIN और बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। ✅ टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूर चालू रखें। ✅ केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का उपयोग करें। ✅ संदिग्ध नंबरों को तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें। ✅ मोबाइल और ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट करते रहें। क्या करें अगर फ्रॉड हो जाए? यदि आपके साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो तुरंत बैंक को सूचित करें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक होगी। रिपोर्टर * श्रीमती शोभा भाटी Post navigation डिजिटल दुनिया का बढ़ता खतरा: साइबर अपराधियों के नए हथकंडों से बैंक खाते कैसे बन रहे हैं निशाना डेटा प्राइवेसी पर सरकार का फोकस: यूजर्स को मिल सकते हैं नए अधिकार, डिजिटल दुनिया में बढ़ेगी सुरक्षा