ग्राम भनोंता के खसरा संख्या 386 पर अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शुरुआत में जहां केवल लेंटर डालने के लिए सेटरिंग का कार्य चल रहा था, वहीं अब निर्माण का कार्य आगे बढ़ चुका है और ऊपर तक निर्माण जारी है।आरोप है कि परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-2 द्वारा जानबूझकर खसरा संख्या 386 पर कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि दिखावे के लिए पास के खसरा संख्या 387 पर दो दीवारों को तोड़कर खानापूर्ति कर दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग के कुछ अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।वर्क सर्किल-2 के टेक्निकल स्टाफ मोहित सेंगर और गजेंद्र बाबू पर पूरे क्षेत्र में अवैध निर्माण को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, जिन निर्माणकर्ताओं की सेटिंग हो जाती है, उनकी फाइलों को दबा दिया जाता है या अन्य तरीकों से उन्हें संरक्षण दिया जाता है।इसी तरह के आरोप ग्राम वैदपुरा के खसरा संख्या 278 और 279 को लेकर भी सामने आए हैं, जहां कथित रूप से अवैध निर्माणकर्ताओं को खुला संरक्षण मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध निर्माण पर रोक लगाई जा सके । Post navigation जिलाधिकारी की अध्यक्षता मे गैस कंपनियो के प्रतिनिधियो की बैठक सम्पन्न