देश के पांच राज्यों— पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी — में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान भारत निर्वाचन आयोग ने कर दिया है। इन पांचों राज्यों में कुल 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव आयोग के अनुसार मतदान की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में संपन्न कराई जाएगी, जबकि सभी राज्यों के नतीजे एक साथ घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक चरणों में मतदान कराया जाएगा, क्योंकि यहां सीटों की संख्या ज्यादा है और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मतदान कई चरणों में आयोजित किया जाएगा। वहीं असम में भी बहु-चरणीय मतदान होगा, जबकि केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में आमतौर पर एक ही चरण में मतदान कराए जाने की संभावना है।आयोग के मुताबिक चुनाव की घोषणा के साथ ही सभी राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है। इसके बाद राज्य सरकारें और राजनीतिक दल चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही चुनाव प्रचार और सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्य कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। इन चुनावों को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कई बड़े दल अपनी सत्ता बचाने और नए राज्यों में सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। राजनीतिक पार्टियों ने भी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं और जल्द ही विभिन्न दलों के शीर्ष नेता राज्यों में चुनावी रैलियां और जनसभाएं करेंगे।चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। आयोग का कहना है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।